विश्व हिंदू परिषद् की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक देवगिरी (महाराष्ट्र) के जलगांव में प्रारंभ, राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पदाधिकारी हुए शामिल

जलगांव (महाराष्ट्र) | हिंदू समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही विश्व हिंदू परिषद् (विहिप) की केंद्रीय प्रबंध समिति की द्विदिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आज से महाराष्ट्र के ऐतिहासिक देवगिरी क्षेत्र, जलगांव में प्रारंभ हो गई है। यह बैठक संगठन की भावी रणनीति, हिंदू समाज की समसामयिक चुनौतियों और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में धर्म-संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन के लिए आयोजित की गई है।
राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारी पहुंचे जलगांव
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की केंद्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य श्री भैयाजी जोशी विशेष रूप से उपस्थित हैं। साथ ही विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार, महामंत्री श्री बजरंगलाल बागड़ा, तथा संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे की मौजूदगी ने बैठक को विशेष गरिमा प्रदान की है। इनके अलावा देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए विहिप पदाधिकारी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, जिला एवं विभाग स्तर के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए हैं।

हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों पर गहन मंथन
विश्व हिंदू परिषद् की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब देशभर में हिंदू समाज की एकता, मंदिरों की सुरक्षा, धर्मांतरण, गौ-संरक्षण, और सांस्कृतिक आक्रमण जैसे विषयों को लेकर व्यापक चिंता जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में इन सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
इसके साथ ही राम मंदिर निर्माण के पश्चात की अगली योजनाएं, धार्मिक पर्यटन के विस्तार, तथा हिंदू समाज की युवाओं में भागीदारी बढ़ाने जैसे बिंदुओं पर भी व्यापक विमर्श किया जाएगा।
संगठनात्मक विस्तार और विश्वस्तरीय दृष्टिकोण पर जोर
विहिप के संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने उद्घाटन अवसर पर कहा कि,
“अब समय आ गया है कि हम संगठन को गाँव-गाँव और विश्व के प्रत्येक कोने तक फैलाएँ। हिन्दू एकता ही राष्ट्र की शक्ति है।“
उन्होंने बताया कि इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, HSS (Hindu Swayamsevak Sangh) जैसे संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुभवों को भी साझा किया जाएगा ताकि वैश्विक स्तर पर हिंदू चेतना को मजबूत किया जा सके।
भैयाजी जोशी का मार्गदर्शन
बैठक के प्रमुख मार्गदर्शक भैयाजी जोशी ने अपने भाषण में कहा:
“हमें हिंदू समाज को केवल भावनात्मक रूप से नहीं, बल्कि बौद्धिक, सांस्कृतिक और वैचारिक रूप से भी सशक्त बनाना होगा। शिक्षा, संस्कार, और आत्मगौरव को आधार बनाकर हमें आने वाली पीढ़ियों को तैयार करना है।“
दो दिवसीय बैठक में ये विषय रहेंगे प्रमुख एजेंडे में
- धर्मांतरण पर रोक हेतु कानूनी एवं सामाजिक अभियान
- मंदिर प्रबंधन समिति के पारदर्शी गठन
- गौ-संरक्षण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता
- युवाओं में हिंदू गर्व के भाव का प्रसार
- हिन्दू जनसंख्या संतुलन पर रणनीति
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दू संगठनों से समन्वय
- अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज में संगठनात्मक विस्तार
सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त, मीडिया को सीमित प्रवेश
बैठक स्थल पर कड़ा सुरक्षा प्रबंध किया गया है। प्रशासन के सहयोग से स्थानीय पुलिस बल तथा स्वयंसेवकों द्वारा क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। मीडिया के लिए सीमित समयावधि के लिए प्रेस ब्रीफिंग का आयोजन रखा गया है, जिसमें विहिप पदाधिकारी बैठक की जानकारी साझा करेंगे।
📌 Luniya Times विश्लेषण
विश्व हिंदू परिषद की यह बैठक केवल एक संगठनात्मक अभ्यास नहीं, बल्कि यह स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में हिंदू समाज की सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक भूमिका में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा। हिंदू नवजागरण की लहर अब नगरों से निकलकर गाँवों और विदेशों तक पहुँचने को तैयार है।
📰 विशेष रिपोर्ट: लुनिया टाइम्स | संपर्क: press@luniyatimes.com | ट्विटर: @LuniyaTimes











