शाहपुरा जिले को समाप्त करने के विरोध में ब्लैक डे का आयोजन, ऐतिहासिक बंद सफल

शाहपुरा। जिले को समाप्त करने के विरोध में जिला बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान और अभिभाषक संस्था शाहपुरा के बैनर तले 28 जनवरी 2025 को संपूर्ण शाहपुरा पूर्णतया बंद रहा। यह बंद कोरोना के बाद शाहपुरा का सबसे ऐतिहासिक और सफल बंद माना गया।
आम सभा और विरोध प्रदर्शन
महलों के चौक पर आयोजित आम सभा में हजारों की संख्या में ग्रामीण, शहरी लोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने कहा कि जब तक शाहपुरा को जिला घोषित नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। समिति के संयोजक राम प्रसाद जाट ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में शाहपुरा को जिला का दर्जा वापस नहीं दिया गया, तो नेशनल हाईवे चक्का जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

सभा में किसान केसरी संघ के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश ओझा, भारत विकास परिषद के जयदेव जोशी, अधिवक्ता अनिल शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता अर्पित कसेरा और ताज मोहम्मद सहित कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी। कवि दिनेश बंटी ने कविता “शहीद से कौन बड़ा” प्रस्तुत की, जबकि उर्मिला कुमार ने देशभक्ति गीत “ए मेरे वतन के लोगों” गाया।
आक्रोश रैली और ज्ञापन सौंपा गया
सभा के बाद दुर्गा लाल राजोरा के नेतृत्व में विशाल जन आक्रोश रैली निकाली गई। नारेबाजी करते हुए रैली महलों के चौक से होकर गुजरी और अंत में उपखंड अधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ब्लैक डे और बाजार बंद
28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा जिले को समाप्त किए जाने के विरोध में 28 जनवरी को ब्लैक डे मनाया गया। इस दौरान शहर के व्यापारियों, सब्जी मंडी, निजी विद्यालयों, चाय की थड़ियों, और मेडिकल स्टोर्स तक ने बंद में भाग लिया।
सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण वाहन रैली भी निकाली, जिसमें लोगों को जिला बनाए रखने के महत्व से अवगत कराया गया। शाम 6 बजे घरों में तालियां बजाई गईं और रात 8 बजे ब्लैकआउट कर विरोध दर्ज किया गया।
शामिल प्रमुख लोग और संगठन
इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रमुख शामिल हुए। इनमें मुस्लिम समाज के सैयद शराफत अली और मौलाना निसार मोहम्मद, विश्व हिंदू परिषद के रामेश्वर लाल धाकड़, बजरंग दल के हनुमान धाकड़, कांग्रेस विधायक प्रत्याशी नरेंद्र रेगर, और कई अन्य शामिल थे।
आगामी योजनाएं
संघर्ष समिति ने घोषणा की कि 29 जनवरी से क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसमें कोली समाज शाहपुरा और बनेड़ा क्षेत्र के जेबीआर ग्रुप के सदस्य भाग लेंगे।शाहपुरा की जनता के ऐतिहासिक बंद और एकजुटता ने सरकार को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने के लिए एक स्पष्ट संदेश दिया है।












