संस्कारित, चरित्रवान, प्रशिक्षित कार्यकर्ता समाज में साधक की तरह कार्य करे : शंकर गायकर

- पाली
विश्व हिन्दू परिषद द्वारा विगत 60 वर्षों से विश्व भर के हिन्दू समाज में सेवा, समरसता, सुरक्षा और संस्कार भाव का जागरण कर रहा है।
समय-समय पर विभिन्न जनजागरण के कार्यक्रम और आंदोलन संगठन द्वारा हुए है। विहिप आज हर हिन्दू का विश्वासपात्र है, उसका कार्यकर्ता हर परिस्थिति में आवश्यकता अनुसार सदैव तत्परता से सनातन संस्कृति के उत्थान में सतत प्रयासरत है। उक्त विचार विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री शंकर गायकर ने जूनी धाम खेतलाजी मन्दिर प्रांगण में दस दिवसीय प्रांत परिषद वर्ग के समापन सत्र को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
गायकर ने कहा, की आज आवश्यकता इस बात की है कि संस्कारित, चरित्रवान, प्रशिक्षित कार्यकर्ता हिन्दू समाज में सेवा , समरसता, सुरक्षा, संस्कार जागरण, तीर्थस्थलों की सुरक्षा, व श्रद्धा केंद्रों के संरक्षण जैसे विविध क्षेत्रों में कार्य करे। उन्होंने कहां कि राम मंदिर आंदोलन में संगठन की भूमिका को सबने देखा है। विहिप का यह शिक्षा वर्ग संगठनात्मक जीवन का शुभारंभ है। हिन्दू समाज की अपेक्षाएं आपसे जुड़ी हैं। अब आपको साधक की तरह समाज में जाकर कार्य करना है, यहां से जो कुछ सिखा है वह अपनी साधना और पुरूषार्थ से हिन्दू समाज व संगठन के लिए समर्पित करना ही उसका फल है।

प्रात प्रचार-प्रसार टोली सदस्य मनीष सेन ने बताया कि समारोह का शुभारंभ संत बालकदास महाराज ढालोप एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। प्रांत संगठन मंत्री राजेश पटेल ने वर्ग की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सभी सहयोगियों का आभार प्रकट किया।समापन समारोह में प्रांत मंत्री श्री परमेश्वर जोशी, वर्गाधिकारी सुरेश चौधरी, प्रान्त प्रचार प्रमुख नरेश बोहरा, विभाग मंत्री शैतानसिंह बिरोलिया, ट्रस्ट अध्यक्ष प्रकाश वन गोस्वामी, विक्रम परिहार, नरेन्द्र भोजक, भूपेश वैष्णव, खरताराम चौधरी, नरपत चारण, बूटासिंह, रतनपुरी, डूंगाराम प्रजापत, श्रीपाल देवड़ा अधिवक्ता नीलम सोनी सहित प्रान्त विभाग व जिला स्तरीय पदाधिकारी, ग्राम व मंदिर ट्रस्टों के गणमान्य जन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। जोधपुर प्रांत के 25 जिलों से आए 72 कार्यकर्ताओं ने 10 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में शारीरिक, मानसिक व वैचारिक रूप से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ग संचालन हेतु 25 से अधिक शिक्षकों, प्रबंधकों व पदाधिकारियों ने सेवाएं दीं।













