संस्कृति व संस्कारों से बच्चों को संस्कारित करना बहुत जरूरी

कंवलियास विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों को जैन मुनि ने करवाए कुव्यसनो से दूर रहने के नियम
आज सीनियर विधालय कंवलियास में जैन संत अमृत मुनि ने बाल दिवस के अवसर पर विद्यालय में नैतिक संस्कारों पर प्रवचन दिया उन्होंने आज के वर्तमान में विद्यालय में नैतिक शिक्षा को आवश्यक बताते हुए मोबाईल के दुरूपयोग , गुटका पान मसाला , बीडी सिगरेट और मादक चीजो का उपयोग , आत्महत्या, मांसाहार, भ्रूण हत्या , चोरी ,ऑनलाइन गेम नहीं खेलने चोरी झूठ,क्रोध जैसे विभिन्न विषयों पर विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से विद्यालय के विद्यार्थियों को नैतिक पाठ पढ़ाया उन्होंने बताया कि अनुशासन संस्कारों और विवेक के अभाव में आज वर्तमान में हजारों दुर्घटनाएं समाज में घटित हो रही है यह सब संस्कारों के अभाव में ऐसी घटनाएं घटित होती है

विद्यालय एक ऐसा स्थल है जहां से इन संस्कारों का बीजारोपण किया जाए तो आने वाले समय में यह घटनाएं घटित नहीं होगी इस दौरान सैकड़ो की संख्या में बच्चों ने सप्त कुव्यसनो का सेवन नहीं करने और जीवन में इनसे दूर रहने के नियम जैन मुनि से लिए मुनि ने गुरु माता-पिता का सम्मान करने आत्महत्या नहीं करने चोरी नहीं करने अहिंसा के मार्ग पर चलने के नियम करवाए इस दोरान प्रधानाचार्य अनिता सोकिया व्याख्याता दिनेश व्यास विधालय विकास समिति के भगवत सिंह , गौतम सुराणा , जैन संघ अध्यक्ष पुखराज लोढा , सुरेश चन्द्र गोखरू , पूरनमल लोढा मदन लाल भंडारी , सहित सेकड़ो की संख्या में ग्रामवासी मोजूद थे विद्यालय प्रशासन द्वारा गुरुदेव का आभार व्यक्त किया गया











