सामलाती कृषि भूमि में बिना स्वीकृति टावर लगाने का विरोध

गंगापुर। सामलाती कृषि भूमि पर बिना भूपरिवर्तन और खातेदारों की सहमति के मोबाइल टावर लगाए जाने का मामला सामने आया है। गंगापुर के वार्ड नंबर 3 मेलोनी क्षेत्र की इस जमीन पर इंडस कंपनी द्वारा टावर लगाने की तैयारी की जा रही थी। जैसे ही ग्रामीणों को जानकारी मिली, उन्होंने विरोध जताते हुए नगर पालिका और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
13 खातेदारों की भूमि, 12 की नहीं है सहमति
ग्रामीणों ने बताया कि जिस भूमि पर टावर लगाने का कार्य शुरू किया गया है, वह 13 खातेदारों के नाम पर दर्ज है। इनमें से 12 खातेदारों ने टावर लगाने की सहमति नहीं दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि खेती योग्य है और मेलोनी क्षेत्र के किसान वर्षों से यहां कृषि कार्य कर रहे हैं। विरोध जताने वालों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका ने खातेदारों की अनुमति लिए बिना ही कंपनी को स्वीकृति प्रदान कर दी।
कंपनी पर आरोप और नगरपालिका की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इंडस कंपनी ने बिना भूपरिवर्तन किए खड्डा खोदकर टावर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि संबंधित भूमि पर खातेदारों में एक विधवा महिला भी शामिल है, जिसकी सहमति के बिना ही कार्य किया जा रहा है। इस पर उन्होंने नगरपालिका प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।
नगर पालिका उपाध्यक्ष का आश्वासन
नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र गहलोत ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बिना सहमति के टावर नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि टावर लगाने का काम तुरंत प्रभाव से रुकवाया जाएगा।
ग्रामीणों का प्रशासन को ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी गंगापुर एवं अधिशासी अधिकारी नगरपालिका को ज्ञापन सौंपकर साफ कहा कि किसी भी स्थिति में इस भूमि पर टावर नहीं लगना चाहिए। यदि ऐसा किया गया तो बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में बड़ी संख्या में लोग रहे शामिल
ज्ञापन देने वालों में जगदीश चंद्र माली, पूरणमल, रामलाल खारोल, जगदीश प्रजापत, बालूराम सेन, नाथू माली, ओमप्रकाश चंदेल, मोनू शर्मा, मुकेश गुर्जर, बद्री माराज, कमलेश सेन, सुरेश बेरवा, यशवंत व्यास, भगवान माली, नारायण खारोल सहित अनेक महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे।













