सिद्धू-कान्हू समिति जाताखूंटी ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई

टुण्डी| दीपक पाण्डेय
दिशोम गुरु, झारखंड आंदोलन के महानायक स्व. शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर सिद्धू कान्हू सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक समिति, जाताखूंटी की ओर से भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन रविवार को बालिका बिहार चौक पर समिति की संरक्षक श्रीमती मीना हेंब्रम के नेतृत्व में उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
गुरुजी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुजी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी सदस्यों ने दिशोम गुरु के जयघोष लगाए और उनके संघर्षमय जीवन को याद किया। इसके बाद केक काटकर गुरुजी की जयंती मनाई गई।
जल-जंगल-जमीन की रक्षा का लिया गया संकल्प
इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने गुरुजी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने की शपथ ली। वक्ताओं ने कहा कि यही गुरुजी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इससे झारखंड एक सशक्त राज्य बनेगा।
मीना हेंब्रम बोलीं – गुरुजी सदैव हमारे पथप्रदर्शक रहेंगे
समिति की संरक्षक श्रीमती मीना हेंब्रम ने अपने संबोधन में कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन हम सबके लिए हमेशा एक मार्गदर्शक की तरह रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम सबका कर्तव्य है कि उनके पदचिन्हों पर चलते हुए एक बेहतर इंसान बनें और समाज व राज्य के विकास में योगदान दें।
बड़ी संख्या में समिति पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष फेलेन सोरेन, सचिव शक्ति हेंब्रम, उपसचिव हेमेश्वर टुडू, सदस्य विनेश हेंब्रम, राजदेव हेंब्रम, कृष्णदेव हेंब्रम, नरेश हेंब्रम, प्रवीण मुर्मू सहित कई सदस्य मौजूद रहे। साथ ही उपमुखिया श्रीमती पूज्यंती देवी और उनके प्रतिनिधि बाबूलाल मंडल की भी विशेष उपस्थिति रही।
समिति ने गुरुजी के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश
कार्यक्रम का समापन गुरुजी के आदर्शों को जीवन में अपनाने और सामाजिक-सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सम्मान और जनभावनाओं की झलक साफ दिखाई दी।















