हिंदू देवता के साथ ओर एक ई-कॉमर्स ऐप ने किया भद्दा मजाक

चीनी ऐप अलीएक्सप्रेस द्वारा भगवान जगन्नाथ की तस्वीर वाले पायंदाज (डोरमैट) बेचना शुरू किया
ऐसी विकृत मानसिकता वाले ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर पाबंदी लगाई सरकार : शंकर ठक्कर
कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया अंतर्राष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफार्म द्वारा आए दिन हिंदू देवी देवताओं के साथ भद्दा मजाक किया जाता है लेकिन सरकार द्वारा कोई ठोस कार्यवाही न किए जाने से यह अपनी फितरत से बाज नहीं आ रहे हैं। इस बार अंतर्राष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म चीनी ऐप अलीएक्सप्रेस भगवान जगन्नाथ की छवि वाले डोरमैट अपनी ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर बेच रहा है।
चीनी ऐप अलीएक्सप्रेस द्वारा भगवान जगन्नाथ की तस्वीर वाले डोरमैट बेचने पर विवाद तब खड़ा हो गया जब यह बात सामने आई कि अंतर्राष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म चीनी ऐप अलीएक्सप्रेस भगवान जगन्नाथ की छवि वाले पायदान बेच रहा है। इस घटना से श्रद्धालुओं की, खासकर धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। इस आपत्तिजनक उत्पाद में पैर पोंछने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चटाई पर भगवान जगन्नाथ का चेहरा दिखाया गया है। विज्ञापन में एक व्यक्ति को चटाई पर खड़ा भी दिखाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं बहुत ही आहत हुई है और वे ओर भी अधिक आक्रोर्षित हुए है।

ऑनलाइन सूची में अत्यधिक आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए चटाई का प्रचार किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि यह फिसलनरोधी और नमी सोखने वाली है, जिससे जगन्नाथ भक्त और अधिक क्रोधित हो गए हैं। शंकर ठक्कर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस चित्रण की निंदा की और तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार से से आग्रह किया कि वह इस अपमानजनक चित्रण के बारे में सूचित करे और उस देश के साथ राजनयिक संवाद शुरू करे जहाँ यह कंपनी स्थित है ताकि ऐसी वस्तुओं की बिक्री और प्रचार पर रोक लगाई जा सके। “यह सिर्फ़ एक उत्पाद की बात नहीं है।
महाप्रसाद और पतितपावन बाना जैसे पवित्र शब्दों का व्यावसायिक लाभ के लिए दुरुपयोग किया गया है। इसके पूर्व भी कई ई-कॉमर्स प्लेटफार्म द्वारा हिंदू के देवी देवताओं की तस्वीरों के साथ भद्दा मजाक किया गया है। जाने ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं इसलिए केंद्र सरकार को ऐसी बेहूदा हरकत करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्यवाही कर इनको भारत में व्यापार बंद करने पर मजबूर करना चाहिए।












