News

होली ढूंढोत्सल का गीत

प्रस्तोता- घेवरचन्द आर्य पाली

Ghevarchand Aarya
Author

Ghevarchand Aarya is a Author in Luniya Times News Media Website.

Call

हरि हरि रे हरिया वेल, डावे कवलें चम्पा वेल ।

कोकड़ माय जाड़ बूट, इण घर इतरा घोड़ा ऊंट ॥

इण घर इतरी गायों भैयों, इण घर इतरी टिंगडियों ।

इण घर जाया लाडल पुत, छोटी कुलड़ी चमक चणा ॥

डावे हाथ लपुकों ले, जीमणे हाथ चंवर ढोलाव ।

ज्यों ज्यों चम्पो लेहरों ले, डावे हाथ लेहरियो ले i

सात हुवा ने जणा पच्चास, गेरीयो रो पूरो हास ।
इतरों मोटो वेजे………..।

हरी हरी रे हरिया वेल, ज्यों ज्यों चम्पो लेहरो ले

गेरीयां आया धारे द्वार, घर घरयोंणी बारे आव,

गुडरी भेली लेती आव, साकलीयों रो डालो लाव।।

गेरीयों री आस पुराव, गेरियां आया थारे द्वार।।

हरि हरि रे हरिया ढूंढ, इतरो मोटो वेजे…।

ये वो मारवाडी शब्दोच्चार है जो होली ढूंढोत्सव पर बोला जाता है।

 

न्यूज़ डेस्क

🌟 "सच्ची ख़बरें, आपके अपने अंदाज़ में!" 🌟 "Luniya Times News" पर हर शब्द आपके समाज, आपकी संस्कृति और आपके सपनों से जुड़ा है। हम लाते हैं आपके लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित में बनी खबरें। यदि आपको हमारा प्रयास अच्छा लगे — 🙏 तो इसे साझा करें, समर्थन करें और हमारे मिशन का हिस्सा बनें। आपका सहयोग ही हमारी ताक़त है — तन, मन और धन से। 📢 "एक क्लिक से बदलें सोच, एक शेयर से फैलाएं सच!"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button