29 जून को बावन जिनालय से भव्य प्रवेश

आचार्य हरिकांत सूरीश्वरजी का चातुर्मास भायंदर में
भायंदर : शासनधोरी गच्छाधिपति आचार्य श्री जयघोष सूरीश्वरजी म.सा. के कृपा प्राप्त प्रिय पट्टधर सिद्धवचनी, रोचक प्रवचनकार आचार्य श्री हरिकांत सूरीश्वरजी म.सा. आदि 12 साधु- साध्वी भगवंतों का प्रथम ऐतिहासिक चातुर्मास भायंदर में होने जा रहा है।
यह चातुर्मास भायंदर (वेस्ट) के 90 फ़ीट रोड पर स्थित श्री पार्श्व-प्रेम श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में आयोजित होगा।
गुरुदेव का प्रवेश 29 जून 2025 को सुबह 7:00 बजे बावन जिनालय से प्रारंभ होकर श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर में धर्मसभा में परिवर्तित होगा।
गुरुदेव के साथ मुनिराज विवेकसार विजयजी म.सा., मुनिराज श्री लब्धिनिधान विजयजी म.सा., मुनिराज श्री देवांगरत्न विजयजी म.सा., मुनिराज श्री पूर्णचन्द्र विजयजी म.सा., मुनिराज श्री योगपून्य विजयजी म.सा. तथा बहनों को चातुर्मासिक आराधना के लिए आचार्य श्री अभयशेखर सूरीश्वरजी की आज्ञानुवर्ती साध्वी श्री रोहिता श्रीजी की शिष्या साध्वी श्री विपुलगुणा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा – 6 का भी प्रवेश होगा।

चातुर्मास के दौरान सर्वसिद्धिदायक 44 दिवसीय सामूहिक सिद्धितप का विराट आयोजन होगा, जिसमें सभी परिवारों से जुड़ने की अपील की गई है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
- 👉 सामूहिक अत्तर पारणा: अषाढ वद – 5, 15 जुलाई 2025, शाम 4:30 बजे
- 👉 सिद्धितप शुभारंभ: अषाढ वद – 6, बुधवार 16 जुलाई 2025, सुबह 8:15 बजे
- 👉 राजाशाही पारणा: भादरवा सुद – 6, शुक्रवार 29 अगस्त 2025, सुबह 8:00 बजे
महापूजन, श्री माणिभद्रवीर हवन, दैनिक रोचक प्रवचनमाला (सोमवार से शनिवार सुबह 7:15 बजे से 8:00 बजे तक) तथा हर रविवार भव्य कार्यक्रम (सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक) आयोजित होंगे।
नगर प्रवेश से प्रारंभ होकर सांकली आयंबिल तप की आराधना सहित अनेक धार्मिक अनुष्ठान होंगे।















