6 वर्षों की निरंतर सेवा का प्रतीक बना 300वां सेवा श्रम, बनेड़ा में दिखी सामाजिक एकजुटता

बनेड़ा क्षेत्र में समाज सेवा, गौसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय अपना संस्थान एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान द्वारा साप्ताहिक सेवा श्रम का 300वां सप्ताह रविवार, 11 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर एक विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन बनेड़ा–भीलवाड़ा रोड स्थित आईटीआई के पास केशव गौशाला के बाहर स्थित सार्वजनिक पो (पानी की होद) पर किया गया।
संस्थान के तहसील अध्यक्ष मुरली मनोहर व्यास ने बताया कि सेवा श्रम के तहत सबसे पहले पो को पूरी तरह खाली किया गया। इसके बाद वर्षों से जमी गाद, कचरा एवं मलबा हटाकर गहन खुरचाई की गई। स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पो को एसिड से साफ कर धुलवाया गया तथा अंत में कल्ली की पुताई कर उसे पूर्ण रूप से उपयोग योग्य बनाया गया।
उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा यह सेवा कार्य पिछले लगभग 6 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है, जो क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है। कार्यक्रम के दौरान केवल पो की सफाई ही नहीं, बल्कि केशव गौशाला परिसर की भी व्यापक सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।
गौसेवा व पर्यावरण संरक्षण को दिया गया विशेष महत्व
सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत गौसेवा करते हुए गायों को हरा चारा एवं गुड़ खिलाया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधारोपण किया गया और सभी ने पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
130 सदस्यों की बैठक, 25 कार्यकर्ताओं का सम्मान
सेवा श्रम के साथ संस्थान की 130 सदस्यों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संस्थान की अब तक की गतिविधियों, आगामी योजनाओं एवं सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई। समाज सेवा में विशेष योगदान देने वाले 25 सक्रिय सदस्यों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

सम्मान समारोह के पश्चात सभी सदस्यों के लिए स्नेह भोज का आयोजन किया गया, जिससे संगठनात्मक एकता और आपसी सौहार्द को मजबूती मिली।
प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया
कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक मुक्त अभियान भी चलाया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने दैनिक जीवन में प्लास्टिक एवं डिस्पोजेबल वस्तुओं का उपयोग नहीं करने की प्रतिज्ञा ली। संस्थान की ओर से कपड़े से बने कैरी बैग वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।
इन कार्यकर्ताओं का रहा विशेष योगदान
इस सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने में
मुरली मनोहर व्यास, शांतिलाल धावा, अमीश कुमार व्यास, मनीष कुमार व्यास, चन्द्र पोरवाल, सुभाषचंद्र, ओमप्रकाश छीपा, नंद किशोर माली, हीरालाल गढ़वाल, अनिल मोगरिया, देवी लाल माली, सुभाषचंद्र नुवाल, लेहरू लाल गाडरी, दीपक भेरुलाल रेगर, प्रमाकर पाठोदिया, बसंती लाल सोनी, नीरज जैन, विनोद मेलाना, नरपत सिंह, साधना मेलाना, अमर सिंह, सत्यनारायण शर्मा, कन्हैयालाल छीपा, प्रकाशचंद्र कुमावत, हेमंत सेन, रमेश चंद्र गुजर, सागर मल बैरवा, अभयसिंह शेखावत, गंगाराम बैरवा, संजय जैन, प्रदीप देराश्री, नारायण लाल आचार्य, नरेंद्र सिंह चोपड़ा, शिवकुमार वैष्णव, पत्रकार परमेश्वर दमामी, के.के. भंडारी, भैरूलाल लक्षकार सहित बड़ी संख्या में संस्थान के सदस्य, महिला शक्ति एवं युवाओं का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान ने यह संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी सेवा, स्वच्छता, गौसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्य इसी तरह निरंतर जारी रखे जाएंगे और समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।














