14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा

देशभर के लाखों किसानों के लिए अच्छी खबर है : शंकर ठक्कर
ललित दवे/मुंबई अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया देशभर के लाखों किसानों के लिए अच्छी खबर आई है। केंद्र सरकार ने खरीफ की प्रमुख फसलों धान और सोयाबीन सहित 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) में बढ़ोत्तरी कर दी है। केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। जिन फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है उनमें सोयाबीन, धान, कपास और अरहर भी शामिल हैं। एमएसपी बढ़ाने से देश के किसानों को खासा लाभ होना तय है। केंद्रीय केबिनेट ने किसान क्रेडिट कार्ड की ब्याज सब्सिडी योजना को भी आगे बढ़ा दिया है।
केबिनेट के फैसलों की केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान की MSP में 69 रुपए की बढ़ोत्तरी कर 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। कपास की MSP 7710 रुपए तय की गई है। एक अन्य किस्म की कपास की MSP में 589 रुपए की बढ़ोत्तरी कर 8110 रुपए की गई है। सरकार ने तुअर दाल में 450 रुपए बढ़ाए हैं। सोयाबीन में 436 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की। सबसे ज्यादा खुशखबरी महाराष्ट्र एवं एमपी के सोयाबीन किसानों के लिए आई है। केंद्र सरकार ने सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य में जबर्दस्त इजाफा किया है। 4892 से बढ़ाकर 5328 रुपए कर दिया गया है यानि 436 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है।
शंकर ठक्कर ने आगे कहा सोयाबीन उत्पादन में महाराष्ट्र एवं एमपी देश के अग्रणी राज्यों में शुमार प्रदेश में खरीफ की दोनों प्रमुख फसलें धान और सोयाबीन जून-जुलाई में बोई जाती हैं। करीब 4 माह में ये पककर तैयार हो जाती हैं। सरकार द्वारा योग्य समय पर अन्नदाता को प्रोत्साहित करने के लिए समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी करने से खासकर सोयाबीन की उपज बढ़ेगी और भारत को आयात पर कम निर्भर होना पड़ेगा इसलिए यह स्वागत योग्य कदम है।











