अलवर में 50 ऑटो टिपर रवाना, स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की तैयारी

Meet Khushal Luniya – A Young Tech Enthusiast, AI Operations Expert, Graphic Designer, and Desk Editor at Luniya Times News. Known for his Brilliance and Creativity, Khushal Luniya has already mastered HTML and CSS. His deep passion for Coding, Artificial Intelligence, and Design is driving him to create impactful digital experiences. With a unique blend of technical skill and artistic vision, Khushal Luniya is truly a rising star in the tech and Media World.
अलवर को स्वच्छता ब्रांड बनाने की पहल
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम से नगर निगम द्वारा खरीदे गए 50 नए ऑटो टिपर (कचरा संग्रहण वाहन) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों की खरीद पर्यावरण संरक्षण शुल्क निधि (ईपीसी फंड) से की गई है। इनकी क्षमता पुराने वाहनों की तुलना में डेढ़ गुना अधिक है, जिससे कचरा संग्रहण की व्यवस्था और बेहतर होगी।
सफाईकर्मी से वाहन पूजन और स्वच्छता किट का वितरण
उद्घाटन समारोह में सफाई कर्मचारी पूनम चावरिया से ऑटो टिपर का पूजन करवाया गया। इसके साथ ही 5 स्वच्छता सखियों को स्वच्छता किट दी गई और लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। यह एक सामाजिक भागीदारी की मिसाल बनी।
स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी परिणाम
स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को हुई थी। अब तक इस अभियान के तहत देश में 11.65 करोड़ शौचालय बने हैं, 4576 गांव ओडीएफ घोषित हुए हैं और 1429 शहरों को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा मिला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस अभियान की सराहना की है।
अलवर की रैंकिंग में ऐतिहासिक सुधार
अलवर ने स्वच्छ सर्वेक्षण में 310 स्थानों की छलांग लगाकर 54वीं रैंक प्राप्त की है, जो पहले 364वीं थी। यह उपलब्धि शहरवासियों की सहभागिता और नगर निगम की कार्यप्रणाली का परिणाम है।
कचरा प्रबंधन में नागरिकों की भागीदारी आवश्यक
मंत्री ने कहा कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दिया जाए, ताकि रिसाइक्लिंग के जरिए जैविक खाद और बायोगैस प्लांट जैसे समाधान संभव हों। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता एक दिन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक संस्कार है, जिसे हर दिन अपनाना होगा।


सितम्बर-अक्टूबर में जागरूकता कार्यक्रम
शहर के स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सितम्बर और अक्टूबर में श्रमदान, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्वच्छता को जन आंदोलन बनाना है।
कचरा निस्तारण के लिए आधारभूत संरचना विकसित
यूआईटी ने मेकेनाइज ट्रांसफर स्टेशन के लिए 6480 वर्ग मीटर भूमि दी है, जबकि सीएनडी वेस्ट प्लांट के लिए अग्यारा में 18,000 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है। गोलेटा क्षेत्र में पड़े एक लाख घन मीटर लीगेसी वेस्ट के निस्तारण की प्रक्रिया भी चल रही है।
पुराने टेंडर रद्द, नई ठोस रणनीति लागू
2020 में कचरा निस्तारण के लिए दिए गए अनुबंध को निष्क्रियता के चलते रद्द कर दिया गया। अब नगर निगम क्षेत्र के साथ यूआईटी और रीको क्षेत्रों को मिलाकर सफाई व्यवस्था के लिए नया टेंडर किया जा रहा है।
स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण
शहर को क्लीन और प्लास्टिक फ्री सिटी बनाने की दिशा में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए पुराने सूचना केंद्र और रामगढ़ को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
माई सिटी माई पार्क और क्लीन अलवर पोर्टल
जिला प्रशासन द्वारा माई सिटी माई पार्क अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 166 पार्कों को सामाजिक और व्यापारिक संगठन गोद ले सकते हैं। क्लीन अलवर पोर्टल पर नागरिक सफाई और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। प्रशासन सख्ती और भागीदारी दोनों के जरिये व्यवस्था को मजबूत करेगा।
उपस्थित लोग
इस आयोजन में जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, विधायक सुखवंत सिंह, जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला, एएसपी तेजपाल सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग और आमजन मौजूद रहे।

















