News

मातृकुंडिया बांध: बनास नदी पर बना राजस्थान का विशिष्ट बांध

  • IMG 20250805 WA0014

Satyanarayan Sen
Reporter

Satynarayan sen is a Reporter from Bhilwara and Publish many types of other Categories.

CallEmail

मातृकुंडिया तीर्थ के निकट स्थित मातृकुंडिया बांध न केवल जल प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी वास्तुशिल्पीय विशेषताएं भी इसे राजस्थान के अन्य बांधों से अलग बनाती हैं।

🏗️ राजस्थान का सबसे अधिक गेट वाला बांध

  • इस बांध में कुल 52 गेट हैं, जो राजस्थान के किसी भी अन्य बांध की तुलना में सबसे अधिक हैं।

  • यह आंकड़ा इसे तकनीकी रूप से एक अनूठा और सामर्थ्यवान बांध बनाता है, जो बड़े जल प्रबंधन की क्षमता रखता है।

🌊 भराव क्षमता और नियंत्रण

  • मातृकुंडिया बांध की कुल भराव क्षमता 27.5 फीट है।

  • लेकिन सुरक्षा और स्थिरता की दृष्टि से इसे अधिकतम 22.5 फीट तक ही भरा जाता है, ताकि संभावित आपदाओं से बचाव किया जा सके।

निर्माण और इतिहास

  • इस बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1972 में प्रारंभ हुआ था।

  • निर्माण प्रक्रिया लगभग एक दशक तक चली और अंततः वर्ष 1981 में यह बांध पूर्ण रूप से तैयार हो गया।

WhatsApp Image 2025 08 07 at 16.20.33

🚰 बनास नदी से जल आपूर्ति

  • बांध में जल की प्रमुख आवक बनास नदी से होती है, जो इस क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है।

  • यह बांध न केवल आसपास के गांवों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि वर्षा के मौसम में बाढ़ नियंत्रण और जल संग्रहण के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

न्यूज़ डेस्क

🌟 "सच्ची ख़बरें, आपके अपने अंदाज़ में!" 🌟 "Luniya Times News" पर हर शब्द आपके समाज, आपकी संस्कृति और आपके सपनों से जुड़ा है। हम लाते हैं आपके लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित में बनी खबरें। यदि आपको हमारा प्रयास अच्छा लगे — 🙏 तो इसे साझा करें, समर्थन करें और हमारे मिशन का हिस्सा बनें। आपका सहयोग ही हमारी ताक़त है — तन, मन और धन से। 📢 "एक क्लिक से बदलें सोच, एक शेयर से फैलाएं सच!"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button