सलमान खान को लेकर विवाद पर बोले गौरव शर्मा ‘भारत का हर मुस्लिम तिरंगे के लिए जीता है’

Gourav Sharma
चंडीगढ़। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों पाकिस्तान में सुर्खियों का केंद्र बने हुए हैं। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान की बलूचिस्तान सरकार ने सलमान का नाम आतंकवाद-रोधी अधिनियम (1997) की चौथी अनुसूची में डाला गया है। इस मामले ने भारत में हलचल मचा दी है। इस बीच पंजाब कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी सोशल मीडिया गौरव शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तान के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत के मुसलमानों की वफादारी पर किसी को शक नहीं होना चाहिए।
उन्होंने ने कहा, ‘सभी भारतीय मुसलमान अपने तिरंगे के लिए जीते हैं और उसके लिए मरते हैं। हमारे पूर्वजों ने गांधी और नेहरू के हिंदुस्तान को चुना था और जिन्ना के पाकिस्तान को ठुकराया था।’ शर्मा ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए आगे कहा, ”पाकिस्तान चाहे जितनी कोशिश कर ले, भारतीय मुसलमानों को डराया या बरगलाया नहीं जा सकता। आप चाहे भारत के मुसलमानों के खिलाफ फेक न्यूज चलाओ या तथाकथित जुल्मों की कहानियां बनाओ, लेकिन भारत का हर एक मुसलमान अपने देश से वफादार रहेगा।”उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असिम मुनीर को सीधा संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि भारत के मुसलमानों पर।

उन्होंने अपने बयान में नागरिकता कानून (सीएए) का उदाहरण देते हुए कहा, ”अगर पाकिस्तान में ऐसा कानून आता है जिसमें कहा जाए कि भारत में पीड़ित मुसलमान पाकिस्तान की नागरिकता ले सकता है, तो कितने भारतीय मुसलमान ऐसा करना चाहेंगे? जवाब है- शून्य। क्योंकि मुसलमान यहां खुश हैं।” बता दें कि पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सलमान खान सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित जॉय फोरम 2025 में शाहरुख खान और आमिर खान के साथ पहुंचे थे। इस मंच पर सलमान ने कहा था, ”इस समय यदि आप एक हिंदी फिल्म बनाएं और उसे यहां रिलीज करें, तो वह सुपरहिट होगी।
यदि आप एक तमिल, तेलुगु या मलयाली फिल्म बनाते हैं, तो वह सैकड़ों करोड़ रुपये कमाएगी, क्योंकि यहां कई देशों के लोग रहते हैं। बलूचिस्तान के लोग हैं, अफगानिस्तान के लोग हैं, पाकिस्तान के लोग हैं, हर कोई यहां काम कर रहा है।” अपने बयान में बलूचिस्तान और पाकिस्तान को अलग-अलग गिनाने को लेकर पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स भड़क उठे। कई लोगों ने इस बयान को पाकिस्तान की एकता पर सवाल के तौर पर देखा और इसे ‘बलूचिस्तान को अलग देश बताने’ की कोशिश बताया।




