भीलवाड़ा जिले के कारोई थाना व डीएसटी टीम की बड़ी कार्रवाई: बनास नदी से अवैध बजरी खनन पर कसा शिकंजा

भीलवाड़ा। जिले के कारोई थाना क्षेत्र में अवैध बजरी खनन के खिलाफ बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई है। थानाधिकारी सुरेन्द्रसिंह राठौड़ एवं डीएसटी टीम भीलवाड़ा द्वारा बनास नदी पर अवैध रूप से खनन कर रहे माफियाओं के खिलाफ संयुक्त छापेमारी कर 16 ट्रैक्टर ट्रॉलियां, 03 जेसीबी, 01 लोडर जब्त किए गए तथा 14 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहाड़ा रोशन पटेल (RPS) तथा गंगापुर वृत्ताधिकारी हरजीराम चौधरी (RPS) के निर्देशन में अंजाम दी गई। कार्यवाही की निगरानी निकटतम सुपरविजन में की गई।

दौलपुरा व तगड़िया क्षेत्र में अवैध खनन पर कड़ी निगरानी
कारोई थाना क्षेत्र के ग्राम दौलपुरा एवं तगड़िया के समीप बनास नदी में अवैध बजरी खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मौके पर जेसीबी मशीनों से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में अवैध बजरी भरी जा रही थी। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके से भारी मात्रा में खनन सामग्री और वाहन जब्त किए।
जब्त किए गए वाहन व अनुमानित कीमत
- 16 ट्रैक्टर मय ट्रॉली – ₹1.12 करोड़
- 03 जेसीबी मशीनें – ₹1.05 करोड़
- 01 लोडर मशीन – ₹10 लाख
कुल जब्ती मूल्य: ₹2.27 करोड़
गिरफ्तार 14 व्यक्तियों की जानकारी
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए 14 व्यक्तियों में रोशनलाल पुत्र भैरूलाल, गोपाललाल पुत्र रतनलाल गुर्जर, राजूलाल पुत्र कैलाश, सांवरमल पुत्र हरलाल बैरवा, राजूलाल पुत्र शंकरलाल भील, मुकेश पुत्र लादुलाल भील, भगवानलाल पुत्र भूरालाल भील, शंकरलाल पुत्र उदयलाल भील, पप्पूलाल पुत्र शंकरलाल भील, कन्हैयालाल पुत्र रामेश्वरलाल खारोल, सुरेश उर्फ दुर्गेशलाल पुत्र राधेश्याम कंजर, उदयलाल पुत्र तेजालाल भील, रमेश भील पुत्र हीरालाल और श्यामलाल पुत्र रतन कंजर शामिल हैं। ये सभी विभिन्न गांवों जैसे लुकड़ी नेवरिया, दौलपुरा, नौगावां खेड़ा, सालरिया, मोमी, गुरजनिया, पंहुना, खारोलिया खेड़ा, और चोयला का खेड़ा से संबंधित हैं।
अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरण
इन सभी के विरुद्ध धारा 303(2) बीएनएस एवं 4/21 एम.एम.डी.आर. एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया गया है।
संयुक्त टीम में शामिल अधिकारी व जवान
इस कार्रवाई में कारोई थाना प्रभारी सुरेन्द्रसिंह राठौड़ के नेतृत्व में डीएसटी टीम भीलवाड़ा और अन्य पुलिस जाप्ता शामिल था। टीम के प्रमुख सदस्य रहे: मुकेश कुमार, दिनेश कुमार, अनिल, विक्रम, हेमेन्द्रसिंह, राजपाल, नरेन्द्रसिंह, अशोक कुमार, दिनेश, रामचन्द्र, मुकेश, विजेन्द्रसिंह, योगेन्द्र, रामकिशोर, कालूराम धायल, घीसुलाल, राकेश, कन्हैयालाल, पवनकुमार, गोपाल, बनवारी, शंकरलाल और असलम।
जिला प्रशासन अवैध खनन पर सख्त
भीलवाड़ा पुलिस द्वारा की गई यह बड़ी कार्रवाई जिले में अवैध खनन पर प्रभावी रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन का यह रुख दर्शाता है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट सहन नहीं की जाएगी, और दोषियों को कानून के कठोर दायरे में लाया जाएगा।














