बनेड़ा के दिनेश गिरी बने समाज सेवा की मिसाल, शंभूलाल जोशी ने बताया प्रेरणा स्रोत
रात्रिकालीन नौकरी के बावजूद दिनेश गिरी दिन में समाज सेवा में लगे रहते हैं। उनकी सेवा भावना की सराहना करते हुए समाजसेवी शंभूलाल जोशी ने उन्हें प्रेरणा स्रोत बताया।

तन-मन से सेवा करने वाला ही सच्चा समाजसेवी: बनेड़ा के दिनेश गिरी बने प्रेरणा स्रोत
लुनिया टाइम्स न्यूज़ | बनेड़ा | परमेश्वर दमामी
समाज सेवा केवल धन से ही नहीं होती, बल्कि सच्ची सेवा के लिए मन में समर्पण और सेवा का भाव होना सबसे जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति में समाज के लिए कुछ करने का जज्बा हो तो वह अपने तन और मन से भी समाज के लिए बड़ी मिसाल बन सकता है। बनेड़ा (माताजी खेड़ा) निवासी दिनेश गिरी ने अपनी निस्वार्थ सेवा और समर्पण से समाज के सामने ऐसा ही प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यह विचार जिले के वयोवृद्ध 80 वर्षीय प्रख्यात समाजसेवी एवं भामाशाह, रिटायर्ड इंजीनियर शंभूलाल जोशी ने व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि बनेड़ा कस्बे में उनके द्वारा गोद ली गई आंगनबाड़ी सहित राजकीय चिकित्सालय, दोनों शमशान घाट, सार्वजनिक पुस्तकालय तथा अन्य सामाजिक स्थलों की साफ-सफाई, देखरेख और व्यवस्थाओं में दिनेश गिरी हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करते हैं। समाज सेवा से जुड़े हर कार्य में वे पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ आगे रहते हैं।
जोशी ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से दिनेश गिरी की सेवाओं को देख रहे हैं। समाज के लिए जब भी कोई कार्य होता है, दिनेश बिना किसी स्वार्थ के उसमें सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और जो भी जिम्मेदारी उन्हें दी जाती है, उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाते हैं। उनके अनुसार आज के समय में ऐसी निस्वार्थ सेवा भावना बहुत कम लोगों में देखने को मिलती है।
दिनेश गिरी अपनी आजीविका के लिए एक निजी अस्पताल में रात्रिकालीन शिफ्ट में कार्य करते हैं, लेकिन इसके बावजूद दिन के समय वे समाज सेवा के कार्यों में लगे रहते हैं। अपने व्यक्तिगत कार्यों और आजीविका के साथ-साथ समाज के लिए समय निकालना उनके सेवा भाव और समर्पण को दर्शाता है। उनकी यह भावना समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
गौरतलब है कि मूलतः बनेड़ा निवासी रिटायर्ड इंजीनियर शंभूलाल जोशी वर्तमान में भीलवाड़ा में निवास करते हुए लंबे समय से समाज सेवा में सक्रिय हैं। वे तन, मन और धन से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में एक्स-रे एवं सोनोग्राफी विभाग को गोद लेकर वहां की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके साथ ही आयुर्वेद-आयुष चिकित्सालय तथा मूक-बधिर विद्यालय के विद्यार्थियों की सहायता में भी वे लगातार सहयोग कर रहे हैं।
उम्र के इस पड़ाव में भी शंभूलाल जोशी समाज सेवा के प्रति उतने ही सक्रिय हैं। वे अपने दैनिक जीवन का अधिकांश समय समाजहित के कार्यों को समर्पित करते हुए अपने मूल गांव बनेड़ा में चिकित्सालय, शमशान घाट, आंगनबाड़ी, पुस्तकालय, स्कूलों तथा विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
ऐसे समर्पित समाजसेवियों के प्रयासों से समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को नई दिशा मिल रही है, वहीं दिनेश गिरी जैसे युवाओं की सक्रिय भागीदारी समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी दे रही है।











