ब्रेकिंग न्यूज़: काम के प्रति उदासीन अधिकारियों के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई – शासन सचिव डॉ. समित शर्मा

जयपुर। राज्य के पशुपालन विभाग में कार्यशैली को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शासन सचिव, पशुपालन, गोपालन एवं मत्स्य डॉ. समित शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि काम के प्रति उदासीन अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
यह निर्देश उन्होंने मंगलवार को पशुधन भवन, जयपुर में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में विभागीय निदेशक डॉ. आनंद सेजरा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेश मीना, डॉ. प्रवीण सेन, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश बुनकर, वित्तीय सलाहकार श्री मनोज शांडिल्य सहित वरिष्ठ अधिकारी व नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. शर्मा ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों को अगस्त तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि 1 सितंबर से वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं के अनुरूप नवीन पंजीकरण शुरू किया जा सके। उन्होंने कम प्रगति वाले जिलों के प्रभारियों को लक्ष्य पूर्ति के लिए अतिरिक्त प्रयास करने और विफल रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए।
बैठक में सेक्स सॉर्टेड सीमन, एमवीयू कॉल सेंटर एवं चैटबॉट, उष्ट्र संरक्षण योजना, पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, निःशुल्क आरोग्य योजना, तथा नवीन पशु चिकित्सा केंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता और KPI आधारित प्रगति जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
एमवीयू सेवाओं की गुणवत्ता पर असंतोष जताते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रत्येक एमवीयू की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। सेवा प्रदाता फर्म द्वारा एमओयू की शर्तों का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की बात भी कही।
डॉ. शर्मा ने चैटबॉट के प्रभावी उपयोग और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
फील्ड में दवाइयों की खरीद एवं आपूर्ति पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल जरूरत की दवाइयां खरीदी जाएं, किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से खरीद न हो। उन्होंने यह भी कहा कि दवाइयों और उपकरणों का रखरखाव व संधारण सही ढंग से हो, इसके लिए जिला प्रभारियों को प्रत्येक माह दौरा कर निरीक्षण करना होगा।

उन्होंने क्षेत्रीय व जिला स्तरीय अधिकारियों को फील्ड कार्मिकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी और विभागीय संस्थाओं में समयबद्ध उपस्थिति पर जोर दिया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि विभाग में काम करने की इच्छाशक्ति में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने समन्वित, ईमानदार और समयबद्ध कार्यप्रणाली के जरिए विभाग की सकारात्मक छवि निर्माण की आवश्यकता जताई। शासन सचिव ने सभी अधिकारियों से निष्ठापूर्वक, अनुशासन के साथ कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए कार्य करने का आह्वान किया, जिससे विभाग को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके और यह एक नई ऊंचाई को प्राप्त कर सके।
रिपोर्ट: रचना सिद्धा / आकाश
(पशुपालन विभाग संवाददाता)










