Crime News

RTI से खुला PGIMER में करोड़ों का मेडिकल सप्लाई फ्रॉड, मामले में CBI जांच शुरू

  • IMG 20250805 WA0014

RTI से उजागर हुआ PGIMER का घोटाला—दर्जी दस्तावेज और मृतक मरीजों के नाम पर करोड़ों का भुगतान, सीबीआई जांच में।


चंडीगढ़: एक RTI आवेदन ने PGIMER (पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) में चल रहे बड़े चिकित्सा आपूर्ति घोटाले की पोल खोल दी है। इसमें करोड़ों रुपये का भुगतान नामांकन फ़र्ज़ी दस्तावेजों, मृतकों के रिकॉर्ड, और नकली मेडिकल रसीदों की मदद से किया गया था, जो आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किए गए थे। जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) द्वारा सूचित इस घोटाले में दुर्लभ कुमार, एक अनुबंध कर्मचारी, प्रमुख आरोपी हैं—जो इससे पहले भी 2015 में मरीजों से ठगी के आरोप में संलिप्त पाए गए थे, लेकिन उस समय उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

घोटाले के दायरे में ₹1.14 करोड़ से अधिक धनराशि शामिल है, जिसमें से करीब ₹88.12 लाख की राशि बिना डॉक्टर की पर्ची के फार्मेसी वेंडरों को दे दी गई। इसमें मृतक मरीजों के नामों पर भी ₹27.66 लाख से अधिक के भुगतान किए गए। कई मामलों में दावा उन लोगों की तरफ़ भेजा गया जो मरीजों के रिश्तेदार थे ही नहीं, और कई बिल व रिकॉर्ड गायब पाए गए—कुछ के मामले में 37 केस फाइल गायब थीं, जो संभवतः सबूत मिटाने का संकेत है।

11a60506 8f6f 11ec 9d3b e33eb0ff92ef 1645047861836

सुशासन की कमी के कारण कार्रवाई नहीं होने पर, PGIMER प्रशासन की सतर्कता विभाग ने मामले को सीबीआई के पास भेजने की सिफारिश की, और जांच अब सीबीआई के अधीन हो गई है।

विवरण जानकारी
प्रमुख आरोपी दुर्लभ कुमार – अनुबंध कर्मचारी, पहले भी 2015 में ठगी के आरोपों में था
धोखाधड़ी की प्रकृति नकली डॉक्यूमेंट, मृतकों के नाम पर भुगतान, बिना प्रिस्क्रिप्शन के खरीद, गुम फाइलें—सभी ने घोटाले को अंजाम दिया
JAC की भूमिका इस प्रकरण को RTI के माध्यम से सामने लाया; समय रहते कार्रवाई की मांग की
जांच एजेंसी मामले में आंतरिक जांच अपारदर्शी पाए जाने पर PGIMER द्वारा सीबीआई जांच स्वीकृत
संभावित वित्तीय नुकसान प्रारंभिक मात्र ₹1.14 करोड़ है—लेकिन गायब फाइलों और लापता रिकॉर्ड की वजह से घोटाले का वास्तविक पैमाना और बड़ा हो सकता है

न्यूज़ डेस्क

🌟 "सच्ची ख़बरें, आपके अपने अंदाज़ में!" 🌟 "Luniya Times News" पर हर शब्द आपके समाज, आपकी संस्कृति और आपके सपनों से जुड़ा है। हम लाते हैं आपके लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित में बनी खबरें। यदि आपको हमारा प्रयास अच्छा लगे — 🙏 तो इसे साझा करें, समर्थन करें और हमारे मिशन का हिस्सा बनें। आपका सहयोग ही हमारी ताक़त है — तन, मन और धन से। 📢 "एक क्लिक से बदलें सोच, एक शेयर से फैलाएं सच!"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button