अमृतम कार्यक्रम में माहेश्वरी समाज के सफलतम युवाओं ने मेधावी विद्यार्थियों के साथ किया मंथन
आठ जिलों के 300 माहेश्वरी प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

माहेश्वरी समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह ‘अमृतम 2025’: सफल युवाओं और मेधावियों का ऐतिहासिक मिलन
भीलवाड़ा, 18 अगस्त 2025 — महाराणा प्रताप सभागार में आज एक ऐसा दृश्य था जहां प्रतिभा और संकल्प की चमक से पूरा हॉल जगमगा उठा। दक्षिणी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा, भीलवाड़ा जिला माहेश्वरी सभा और माहेश्वरी प्रोफेशनल फोरम के तत्वावधान में आयोजित ‘अमृतम 2025’ कार्यक्रम ने समाज के सफलतम युवाओं और मेधावी विद्यार्थियों के बीच एक अद्भुत संवाद का मंच तैयार किया। इस अवसर पर आठ जिलों—चित्तौड़गढ़, राजसमंद, बांसवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलुम्बर और भीलवाड़ा—के 300 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और आकर्षक फोल्डर देकर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महेश के दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें प्रमुख उद्योगपति रामपाल सोनी, पूर्व चीफ सेक्रेटरी श्रीकांत बाल्दी और समाज के अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। एलटुसी की छात्राओं ने रंग-बिरंगी वेशभूषा में गणेश वंदना और शिव वंदना की मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया ।

प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम चेचानी ने अपने स्वागत भाषण में कहा, “हम पिछले तीन वर्षों से प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित कर रहे हैं। आज का यह कार्यक्रम न केवल उनकी मेहनत को सलाम करता है, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का भी एक मंच है।” कार्यक्रम अध्यक्ष रामपाल सोनी ने युवाओं को नई तकनीक और अवसरों का लाभ उठाने की सलाह देते हुए कहा, “माहेश्वरी समाज में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है तो सही दिशा में कदम बढ़ाने की” ।
मुख्य अतिथि श्रीकांत बाल्दी ने ‘माहेश्वरी ड्रीम शेफर्ड्स’ (एमडीएस) योजना के तहत छात्रों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईआईटी, मेडिकल और लॉ जैसे पाठ्यक्रमों के लिए आठ ट्रस्टों द्वारा चार वर्षों में 3 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। साथ ही, उन्होंने नीट के छात्रों के लिए यह राशि बढ़ाकर 4 लाख करने का सुझाव भी दिया ।
कार्यक्रम का सबसे रोचक हिस्सा छह विशेषज्ञों के पैनल डिस्कशन में देखने को मिला, जहां आईआरएस प्रसून काबरा, आईआईटी दिल्ली के ऋतिक माहेश्वरी, आईआईएम अहमदाबाद के प्रत्यूष नौलखा और ऑल इंडिया फर्स्ट रैंकर सीए गिरिराज अजमेरा जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए। छात्रों ने दो घंटे तक इन विशेषज्ञों से करियर संबंधी सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया ।
सम्मानित होने वाले छात्रों में भीलवाड़ा जिले के 230 और अन्य सात जिलों के 70 मेधावी शामिल थे। इस अवसर पर जिला मंत्री रमेश राठी, नगर अध्यक्ष केदार गगरानी और प्रोफेशनल फोरम के प्रदीप लाठी सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रीना डाड और कनुप्रिया बंग ने कुशलता से किया, जबकि यशोदा मंडोवरा ने समाज की ज्वलंत समस्याओं पर अपने विचार रखे ।
यह कार्यक्रम न केवल मेधावी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि माहेश्वरी समाज की एकजुटता और प्रगति की ओर अग्रसर होने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। जैसे-जैसे सूरज ढलता गया, महाराणा प्रताप सभागार से निकलते युवाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और नए सपनों की चमक साफ दिखाई दे रही थी।













