आदर्श शिक्षा संस्थान बाली का सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम संपन्न

नारी शक्ति से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण : सुषमा
फालना (पाली)। आदर्श शिक्षा संस्थान बाली जिले के तत्वावधान में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का भव्य आयोजन आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक, फालना में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, मां शारदा एवं ॐ के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती सुषमा (प्रांत संयोजिका, जोधपुर) एवं श्रीमती धनपुर्णा (प्रांत सह संयोजिका) रहीं। मुख्य अतिथि डॉ. शालिनी मोंगा, विशिष्ट अतिथि श्रीमती विमल वैष्णव तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जैमिनी कंवर ने की। जिला संयोजिका डॉ. योगिता बांठिया एवं जिला सह संयोजिका श्रीमती वीनू सोलंकी की विशेष उपस्थिति रही।

जिला संयोजिका डॉ. योगिता बांठिया ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया।
मुख्य वक्ता श्रीमती सुषमा ने सप्तशक्ति संगम विषय पर विचार रखते हुए कहा कि नारी शक्ति ममता, संवेदना, कीर्ति, मेधा, वाणी, स्मृति और करुणा का दिव्य संगम है। नारी समाज की आधारशिला है और जब वह अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़ी रहती है, तब राष्ट्र स्वतः सशक्त हो जाता है।
प्रांत सह संयोजिका श्रीमती धनपुर्णा ने भूषा, भाषा, भवन, भजन और भ्रमण के माध्यम से भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज नारी हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है और यही शक्ति भारत को पुनः विश्वगुरु बनाएगी।
मुख्य अतिथि डॉ. शालिनी मोंगा ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि यदि हम आज सचेत नहीं हुए, तो आने वाला समय मानवता के लिए कष्टदायी होगा। कार्यक्रम में भारत की वीरांगनाओं के प्रतिरूप में विद्यालय की बहिनों ने अपने सशक्त विचारों से सभी को प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती विमल वैष्णव एवं अध्यक्ष डॉ. जैमिनी कंवर ने नागरिक कर्तव्य और स्व-बोध विषय पर सारगर्भित उद्बोधन दिया।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण विषय पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया तथा देश व समाज में विशिष्ट योगदान देने वाली मातृशक्तियों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में जिला सह संयोजिका श्रीमती वीनू सोलंकी ने उपस्थित 370 मातृशक्ति को सप्तशक्ति जागरण की प्रतिज्ञा दिलाई। कार्यक्रम का कुशल संचालन भी उन्हीं के द्वारा किया गया। कार्यक्रम ने नारी शक्ति, भारतीय संस्कृति और सामाजिक दायित्व के संदेश को प्रभावशाली रूप से जन-जन तक पहुंचाया।











