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आर्य समाज पाली में मनाया गया श्रावणी पूर्णिमा महोत्सव

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Ghevarchand Aarya
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आर्य समाज 6 पानी दरवाजा पाली में श्रावणी पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आर्यों ने नवीन यज्ञोपवीत धारण कर जीर्ण यज्ञोपवीत उतारकर वेद उपनिषद रामायण महाभारत आदि ग्रंथों के स्वाध्याय का संकल्प व्यक्त किया। आर्य समाज संरक्षक शिवराम प्रजापत ने श्रावणी पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन वैदिक काल से श्रावण मास का अन्तिम दिन श्रावणी पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता रहा है। इस दिन से सनातन धर्मी आर्यजन नवीन यज्ञोपवीत धारण कर वेद उपनिषद आदि धार्मिक ग्रंथों के पठन पाठन का संकल्प लेते हैं, चुकी ये ग्रंथ संस्कृत में लिखे हुए हैं इसलिए इनके पठन पाठन से संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार को बल मिलता है, इसलिए इस दिन को संस्कृत भाषा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने भी इस दिन के महत्व को समझते हुए सन् 1969 से केंद्रीय और राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस के रूप में मनाने का निर्देश दिया, जो वर्तमान में विश्व संस्कृत दिवस या अंतर्राष्ट्रीय संस्कृत दिवस के रूप में भी जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि श्रावण पूर्णिमा, जिसे रक्षा बंधन के रूप में भी जाना जाता है। श्रावणी पुर्णिमा का ही एक विकृत रूप वर्तमान का रक्षाबंधन के रूप मे प्रचलित है। जबकि वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि सनातन धर्म शास्त्रों में रक्षाबंधन का कोई उल्लेख नहीं है। वे आज श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर आर्य समाज में बोल रहे थे।

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प्रचार मंत्री घेवरचन्द आर्य ने बताया कि इससे पूर्व आर्य समाज मंत्री विजयराज आर्य के ब्रह्मात्व में अंग स्पर्श, ईश्वर स्तुति, स्वास्तनिक वाचन मंत्रों का गान कर श्रावणी पुर्णिमा की विशेष आहुतियां देकर देवयज्ञ किया गया। जिसमें आर्य समाज के कोषाध्यक्ष चन्द्राराम प्रजापत मुख्य यजमान बने।

तीन वर्षीय बालिका नंदिनी चौहान एवं पांच वर्षीय बालिका उदय श्री चौहान ने सामुहिक गायत्री मंत्र का जाप सुनाया, एवं यज्ञ स्वरूप प्रभो भाव उज्जवल किजिए प्रार्थना का आर्यों के साथ स्वर में स्वर मिलाकर गान किया। जिसकी उपस्थित सभी आर्यों ने मुक्तकंठ से सराहना करते हुए आर्शीवाद दिया। वैशाली चौहान ने आर्य समाज के नियमो का वाचन किया। इस अवसर पर आर्य वीर दल संरक्षक धनराज आर्य, वरिष्ठ आर्य समाजी पुनमचन्द वैष्णव, प्रचार मंत्री घेवरचन्द आर्य, विधि सलाहकार कुन्दन चौहान, आर्य वीर रीकू पंवार सहित कई जने मौजूद रहे।

न्यूज़ डेस्क

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