Crime NewsNewsगुजरात

गांधीनगर: CID क्राइम के इंस्पेक्टर और कांस्टेबल 30 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

WhatsApp Image 2024 05 30 at 10.35.36 1Advertising for Advertise Space

गुजरात के गांधीनगर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले का पर्दाफाश करते हुए CID क्राइम विभाग के एक इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को 30 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दो समाचार एजेंसियों और प्रमुख न्यूज चैनल रिपोर्टों के आधार पर संकलित की गई है।


ACB ने कैसे पकड़ा रिश्वतखोर पुलिसकर्मियों का जाल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गांधीनगर के CID-Crime के इंस्पेक्टर P.K. पटेल और उनके साथ तैनात आर्म्ड कांस्टेबल विपुल देसाई ने एक मामले में कार्रवाई नहीं करने के एवज में 30 लाख रुपये रिश्वत के रूप में मांगे थे। पीड़ित व्यक्ति ने जब रिश्वत की मांग का आरोप लगाया, तब ACB ने शिकायत की जांच कर ट्रैप लगाने का निर्णय लिया

ACB की टीम ने सरगासन इलाके के पास स्वागत सिटी मॉल के निकट दोनों आरोपियों के लिए जाल बिछाया। जहां देसाई ने 30 लाख नकद स्वीकार करते ही ACB कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई कर दी और दूसरी ओर पटेल ने पास से ट्रांज़ैक्शन का समर्थन किया


शिकायत, जाल और गिरफ्तारियां – कदम दर कदम

ACB सूत्रों के अनुसार मामले का आरंभ शिकायतकर्ता की ओर से ACB में शिकायत दर्ज कराने से हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने आरोपियों से बातचीत कर समय और स्थान तय किया, जहाँ नकद लेन-देन होना तय हुआ।
जैसे ही देसाई ने बिलकुल तय रकम लेते हुए स्वीकार किया, ACB कर्मियों ने उन्हें पकड़ा और उसी मौके पर ₹30,00,000 नकदी जब्त कर ली। पटेल भी उसी स्थल से हिरासत में लिया गया।


आरोपियों पर क्या धाराएं लगाई गईं?

पुलिस के बयान के अनुसार दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में अब आगे की कानूनी प्रक्रिया, पूछताछ और संभावित आरोप तय करने की कार्यवाही जारी है


क्या यह पहला मामला है? – भ्रष्टाचार की पुरानी छवि

यह मामला अकेला नहीं है। ACB ने समय-समय पर एसपी, PSI और अन्य अधिकारियों को भी भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार या ट्रैप किया है। उदाहरण के लिए, पहले भी CID के एक सब-इंस्पेक्टर को ₹40,000 रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था, जिसमें उन्होंने जब्त सामान लौटाने के एवज में रिश्वत ली थी।

ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि पुलिस या सरकारी पदों पर बैठे कुछ लोग किरकिरी की सज़ा से बचने के लिए रिश्वत के रास्ते का उपयोग करते रहे हैं, और एंटी-करप्शन एजेंसियों की सतर्कता इन्हें उजागर कर रही है।


ACB और कानून-व्यवस्था का संदेश

ACB के अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि कोई भी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है। रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप के सामने आजीवन सेवा कर चुके किसी पुलिसकर्मी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कदम है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी है कि कानून सबके लिए समान रूप से लागू होगा।

गुजरात के CID-Crime विभाग में तैनात इन दो पुलिसकर्मियों की 30 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार होना भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि ACB और भ्रष्टाचार निरोधक संस्थाओं की सक्रियता बढ़ी है और किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी को रिश्वत जैसे गंभीर आरोपों से बचना अब आसान नहीं है।

Khushal Luniya

Meet Khushal Luniya – A Young Tech Enthusiast, AI Operations Expert, Graphic Designer, and Desk Editor at Luniya Times News. Known for his Brilliance and Creativity, Khushal Luniya has already mastered HTML and CSS. His deep passion for Coding, Artificial Intelligence, and Design is driving him to create impactful Digital Experiences. With a unique blend of technical skill and artistic vision, Khushal Luniya is truly a rising star in the Tech and Media World.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button