गुरलां के सृजन विद्यापीठ में रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते को किया गया सम्मानित

गुरलां। रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को सृजन विद्यापीठ, गुरलां में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में भाई-बहन के अटूट प्रेम और रक्षा-संकल्प का अनूठा संगम देखने को मिला।
रक्षाबंधन उत्सव की शुरुआत
सुबह 10 बजे कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षिकाओं द्वारा बच्चों को रक्षाबंधन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को समझाने के साथ हुई।
अध्यापिकाओं ने बताया कि यह पर्व केवल राखी बांधने का नहीं, अपितु प्रेम, त्याग और सहयोग के संकल्प का प्रतीक है।

छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को बांधी राखी
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधान में एक-दूसरे को राखियां बांधीं और मिठाई खिलाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
बच्चों में रक्षाबंधन को लेकर विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। उन्होंने भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते को सम्मान देते हुए परस्पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया।
सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा पर जोर
विद्यालय के प्रबंधक रोहित त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा,
“रक्षाबंधन केवल उपहारों और महंगी राखियों का पर्व नहीं है, बल्कि यह त्याग, समर्पण और रक्षा के संकल्प का पर्व है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से आपसी सहयोग, सौहार्द और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
शिक्षिकाओं की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में विद्यालय की अध्यापिकाएं –
नीलम पारीक, दीप्ति माली, कोमल माली, संगीता दाधीच, तमन्ना सरगरा और अनीता सोनी ने बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व से अवगत कराया और उन्हें संस्कृति से जुड़ाव व रिश्तों की गरिमा को समझने के लिए प्रेरित किया।
संस्कृति और परंपरा से जुड़ा उत्सव
सृजन विद्यापीठ में मनाया गया रक्षाबंधन का यह आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास और भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव का सुंदर उदाहरण रहा।
बच्चों ने पूरे जोश और उल्लास के साथ पर्व को मनाया और भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा को आत्मसात किया।















