टॉप स्टोरी: NDA ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया

नई दिल्ली, 17 अगस्त 2025 — भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है। यह फैसला भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की और जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुप्पुर, तमिलनाडु में हुआ था। उन्होंने वी.ओ. चिदंबरम कॉलेज, कोयम्बटूर से बीबीए की डिग्री प्राप्त की और राजनीति विज्ञान में पीएचडी की है। उनका राजनीतिक सफर आरएसएस और जनसंघ से शुरू हुआ। वे 1998 और 1999 में कोयम्बटूर से सांसद रहे और 2003-2006 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष भी रहे। उनके पास झारखंड, तेलंगाना और पुडुचेरी के राज्यपाल के रूप में प्रशासनिक अनुभव है और वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। 2004-07 में उन्होंने 93 दिन की रथ यात्रा की, जिसमें नदी जोड़ो और आतंकवाद विरोध जैसे मुद्दों को उठाया गया।
चुनाव प्रक्रिया के अनुसार, नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है और यदि विपक्ष उम्मीदवार खड़ा करता है तो चुनाव 9 सितंबर को होगा। NDA के पास लोकसभा और राज्यसभा में 422 से अधिक सदस्यों का समर्थन है, जिससे उनकी जीत लगभग निश्चित मानी जा रही है। जेपी नड्डा ने कहा कि वे विपक्ष से सर्वसम्मति बनाने के लिए बातचीत करेंगे।
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने राधाकृष्णन के नाम का समर्थन किया है। आज ही सीपी राधाकृष्णन ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन किए और देश की प्रगति की कामना की।
राधाकृष्णन के चयन के पीछे कई कारण हैं। तमिलनाडु मूल के नेता होने के नाते उनका चयन दक्षिण भारत के साथ क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। राज्यपाल के रूप में झारखंड और महाराष्ट्र में उनकी प्रशासनिक दक्षता भी एक महत्वपूर्ण कारक रही। इसके अलावा, वे आरएसएस और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और उनका संगठनात्मक अनुभव समृद्ध है।
21 अगस्त को नामांकन के बाद चुनाव आयोग की प्रक्रिया शुरू होगी। NDA के पास संख्याबल होने के कारण राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने की उम्मीद प्रबल है।















