तेलंगाना पुलिस की बड़ी सफलता — 37 अंडरग्राउंड माओवादी कैडर ने किया आत्मसमर्पण

DGP के सामने हथियारों, गोलियों और ₹1.41 करोड़ नकद के साथ सरेंडर; तेलंगाना-छत्तीसगढ़ के कई सक्रिय सदस्य शामिल
तेलंगाना व छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे माओवादी प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे सतत अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है। शनिवार को पुलिस मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण घटना के दौरान दोनों राज्यों से जुड़े कई सक्रिय उग्रवादी सदस्यों ने DGP के सामने औपचारिक रूप से सरेंडर किया।
सरेंडर के दौरान उग्रवादी सदस्यों ने आधुनिक हथियार, बड़ी मात्रा में गोलियाँ तथा करीब ₹1.41 करोड़ नकद पुलिस अधिकारियों के सुपुर्द किए। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सदस्यों में कई वर्षों से सक्रिय रह चुके स्थानीय क्षेत्रीय कमांडर, दलम सदस्य और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोग शामिल हैं।
DGP ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रही सुरक्षा कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप यह बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में लौटकर शांतिपूर्ण जीवन जीने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उन्हें सभी संभव सहयोग प्रदान करेगी।
पुलिस के अनुसार, सरेंडर करने वाले सदस्यों ने स्वीकार किया कि विकास कार्यों और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के चलते जंगलों में सक्रिय रहना मुश्किल हो गया था।
इस सफल कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी कई सदस्य हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।











