त्रिस्तुतिक साम्राज्य जयवंता हो: दहाणु में प्रथम चातुर्मास की पुण्यभूमि पर अट्ठम तप का पारणा हर्षोल्लास से सम्पन्न

श्री मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ, दहाणु में भीतर बसो भगवान चातुर्मास-25 एवं 23वें तीर्थंकर श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ दादा की अट्ठम तप आराधना का भव्य पारणोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह महोत्सव प्रातः 08:30 बजे प्रभावी पावन निश्रा में संपन्न हुआ, जिसमें मोहनखेड़ा महातीर्थ विकास प्रेरक, परोपकार सम्राट, परम पूज्य आचार्य प्रवर श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती सुशिष्य मंडल की निश्रा रही।
विशेष उपस्थिति में सातवां वर्षीतप तपस्वी परम पूज्य वरिष्ठ मुनिप्रवर श्री पीयूषचंद्र विजयजी एवं परम पूज्य प्रवचनदक्ष मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा. के सान्निध्य में तप का पारणा विधिवत संपन्न हुआ। इस अवसर के लाभार्थी रहे मातृश्री वत्सलाबेन स्व. जयंतीलालजी पुनमिया (दहाणुगांव / सादड़ी)।

महोत्सव का आयोजन श्री पार्श्व राजेन्द्रसूरि जैन चैरिटेबल ट्रस्ट एवं गुरु राजेन्द्र ऋषभ चातुर्मास समिति, मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ डोंगरीपाड़ा, दहाणु द्वारा समर्पित भावों से किया गया।















