दिवंगत संघ प्रचारक माणकचन्द माहेश्वरी की श्रद्धांजलि सभा आयोजित
वरिष्ठ प्रचारक मानक चंद माहेश्वरी को श्रद्धांजलि सभा में दी गई अंतिम विदाई

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सामाजिक जगत ने दी श्रद्धांजलि
जयपुर – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं संघ की वैचारिक पाक्षिक पत्रिका पाथेय कण के पूर्व प्रबंध संपादक मानक चंद माहेश्वरी का हाल ही में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से संघ और सामाजिक क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
उनकी श्रद्धांजलि सभा रविवार को जयपुर के अंबाबाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर परिसर में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में संघ कार्यकर्ता, संत समाज, भाजपा नेता एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख संघ और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता हुए शामिल
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श्रद्धांजलि सभा में शामिल प्रमुख जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी:
सुरेश चंद्र – पूर्व अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राजेंद्र प्रसाद – वरिष्ठ संघ पदाधिकारी
निंबाराम – क्षेत्र प्रचारक
बाबूलाल – प्रांत प्रचारक
मूल चंद सोनी
कैलाश चंद्र शर्मा
प्रकाश चंद्र – अखिल भारतीय संगठन मंत्री, लघु उद्योग भारती
ओम प्रकाश माथुर – राज्यपाल, सिक्किम
भजनलाल शर्मा – मुख्यमंत्री, राजस्थान
प्रेमचंद बैरवा – उप मुख्यमंत्री
दिया कुमारी – उप मुख्यमंत्री
वासुदेव देवनानी – विधानसभा अध्यक्ष
मदन राठौड़ – भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
कैलाश मेघवाल – भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष
संत समाज और सामाजिक प्रतिनिधियों की भागीदारी
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श्रद्धांजलि सभा में संत समाज के भी कई गणमान्य प्रतिनिधि मौजूद रहे:
नाथ संप्रदाय के महंत रामनाथ अवधूत जी महाराज, योगी रमण नाथ, कन्हैया लाल चतुर्वेदी, दिना नाथ रूंथला, विश्वजीत, राजेंद्र चड्ढा इसके अतिरिक्त राज्य मंत्रिमंडल के कई मंत्री, सामाजिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों स्वयंसेवकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
60 वर्षों का समर्पित प्रचारक जीवन रहा प्रेरणा का स्रोत
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सादगी और राष्ट्रभक्ति का उदाहरण
सभा में उपस्थित सभी वक्ताओं ने श्री मानक चंद माहेश्वरी के प्रचारक जीवन की त्यागमयी और सादगीपूर्ण यात्रा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
60 वर्षों तक प्रचारक रहते हुए उन्होंने भारत माता की सेवा, हिंदू समाज की जागृति और राष्ट्र निर्माण के लिए जो योगदान दिया, वह अविस्मरणीय है।
उनका जीवन अनुशासन, निष्ठा, वैचारिक प्रतिबद्धता और निर्लोभ सेवा का उदाहरण रहा। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से भी पाथेय कण जैसी पत्रिका के ज़रिए जनजागरण का कार्य किया।
समाज के हर वर्ग से श्रद्धांजलि
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श्रद्धांजलि सभा बनी राष्ट्रवाद और सेवा भाव का संगम
यह श्रद्धांजलि सभा केवल एक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि एक प्रेरणा स्थल थी, जहाँ सभी वर्गों ने एकत्र होकर सादा जीवन और उच्च विचार के प्रतीक माहेश्वरी जी को अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
संघ कार्यकर्ताओं से लेकर मुख्यमंत्री तक, संतों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक – हर किसी ने उनके व्यक्तित्व और कर्तृत्व को भारतीय संस्कृति का आदर्श बताया।
मानक चंद माहेश्वरी का निधन न केवल संघ परिवार के लिए, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्रवादी विचारधारा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को नैतिकता, त्याग, सेवा और राष्ट्र समर्पण का संदेश देता रहेगा।












