पाली में डकैती का प्रयास विफल, 5 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े

पाली ओवरब्रिज पर डायरी कर्मचारी के सर पर वार कर रूपयो से भरा बैग लूटने का किया था विफल प्रयास।
पाली में सरस दूध के कलेक्शन के सवा 9 लाख रुपए बैंक में जमा करवाने जा रहे युवक का पीछाकर ओवरब्रिज पर उसके सिर पर लोहे के पाइप से वार कर डकैती करने का प्रयास करने वाले 5 आरोपियों को औद्योगिक थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने ऊपर हुए कर्ज को चुकाने के लिए डकैती की वारदात करने निकले थे। उन्होंने इस घटना को अंजाम देने के लिए पहले से रेकी कर रखी थी।

सीओ सिटी जितेंद्रसिंह ने बताया कि मामले में पाली के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र के प्रताप नगर निवासी 30 साल के सोहनलाल पुत्र पन्नालाल, प्रतापनगर निवासी 28 साल के योगेश उर्फ योगेंद्र पुत्र मोहनलाल, पाली के शिवाजी नगर निवासी 22 साल के मनीषनाथ पुत्र कैलाशनाथ, अहमदाबाद के मणि नगर निवासी 25 साल के अविनाश उर्फ रोनी पुत्र प्रकाश, अहमदाबाद कांकरिया क्षेत्र में रहने वाले 26 साल के विवेक उर्फ अजय पुत्र भगवत भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डकैती का प्रयास करने की वारदात स्वीकार की। दोपहर में हुई इस वारदात की घटना में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ली, पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मुख्य भूमिका रही। साथ ही औद्योगिक नगर थाने के उपनिरीक्षक भवरलाल, कांस्टेबल दिनेश कुमार का सराहनीय योगदान रहा।
यह है मामला
बता दें कि भीलवाड़ा के शंभूगढ़ गुलाबपुरा क्षेत्र हाल पाली निवासी 26 साल का महेंद्र कुमार पुत्र मांगीलाल रेबारी पाली में पिछले करीब पांच साल से ठेकेदार के पास काम करता है। 24 जुलाई को वह सरस डेयरी के दूध के बूथों का कलेक्शन के एकत्रित किए गए 9 लाख 30 हजार रुपए मिलगेट सुपर मार्केट में स्थित पीएसबी बैंक में जमा करवाने जा रहा था। जैसे ही वह ओवरब्रिज पर चढ़ा। पीछे से एक बाइक पर तीन नकाबपोश युवक आए। एक ने उसके सिर पर लोहे के पाइप से वार किया। लेकिन महेंद्र ने सूझबूझ दिखाई और पाली होने के बाद भी मौके पर नहीं रुका और बाइक लेकर वापस ओवरब्रिज से नीचे उतरा और निकट ही अपने परिचित के मकान में घुस गया। जिससे बदमाश रुपए लूटने में कामयाब नहीं हो सके। दिनदहाड़े वारदात होने से आरोपी ओवरब्रिज के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज में नजर आ गए। जिन्हें पहचान कर पुलिस ने पकड़ा तो उन्होंने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।















