पोमावा में भक्ति का महासंगम: गाजे-बाजे के साथ हनुमान-शनि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा, हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था

मेवाड़ा का संदेश—“प्राण प्रतिष्ठा से जागती है समाज की शक्ति, परंपराओं से जुड़ती नई पीढ़ी”
- रिपोर्ट – पुखराज कुमावत सुमेरपुर
सुमेरपुर। उपखंड क्षेत्र के पोमावा गांव में दो दिवसीय भव्य आयोजन के साथ श्री हनुमानजी एवं शनि महाराज मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में सम्पन्न हुआ। खेतलाजी की गली स्थित मंदिर परिसर में आयोजित इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के पहले दिन गांव में गाजे-बाजे के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला गया, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके बाद विधिवत हवन अनुष्ठान संपन्न हुआ। शाम को आयोजित भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं, जिससे देर रात तक श्रद्धालु भक्ति में सराबोर रहे। नृत्य प्रस्तुतियों और झांकियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कांग्रेस नेता हरिशंकर मेवाड़ा का आयोजकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। अपने संबोधन में मेवाड़ा ने कहा कि मंदिरों में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज की आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।

दूसरे दिन गुरुवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और गाजे-बाजे के साथ विधिवत हनुमानजी व शनिदेव की प्राण प्रतिष्ठा की गई। मंगल गीतों के बीच मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण हुआ और श्रद्धालुओं ने दर्शन कर परिवार व क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम में समाज के भामाशाहों और युवाओं का विशेष सहयोग रहा, जिनके प्रयासों से यह महोत्सव ऐतिहासिक रूप में सफल रहा।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का प्रेरणादायक संदेश भी दे गया।













