बाली में महिलाओं ने दशा माता का व्रत रख पूजा अर्चना की

बाली – राकेश चौहान। बाली में महिलाओं ने सोमवार को दशा माता का व्रत रख पूजा अर्चना कर घर की दशा हमेशा अच्छी रखने की मंगलकामनाएं की।
चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को रखे जाने वाले इस व्रत में महिलाओं ने दशा माता की पूजा की। महिला सीमा चौहान ने बताया कि मान्यता है कि माता की कृपा से घर की दशा और दिशा में सकारात्मक बदलाव आता है और ग्रहों की प्रतिकूल दशा दूर होती है।

यह व्रत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मुख्य तौर पर सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा रखा गया। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और घर की दिशा और दशा में सकारात्मक परिवर्तन होता है। दशा माता व्रत करने से घर की दरिद्रता खत्म होती है और अनिष्ट कारक ग्रहों की दशा शांत होती है।
इस दिन कच्चे सूत के धागे का काफी महत्व है, जिसे दशा माता का डोरा कहा जाता है। दशा माता व्रत के दिन कच्चे सूत के 10 तार के डोरे में 10 गांठ लगाई जाती हैं। इसके बाद पीपल के पेड़ पर इसकी पूजा की जाती है। इस डोरे की पूजा करने के बाद महिलाएं इसे पूरे साल पहनती हैं। वही बायोसा मंदिर में महिलाओं ने पीपल की पूजा अर्चना कर कथा सुनी।