बाल विवाह के खिलाफ बच्चों ने ली शपथ – 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान

Narendra Kumar Regar
बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और गैर-कानूनी है, जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास में बाधा डालता है तथा उनके सपनों को साकार होने से रोकता है। बाल अधिकारों की रक्षा व जागरूकता बढ़ाने के तहत बाल अधिकारिता विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के निर्देशानुसार महात्मा गांधी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय शाह जी मोहल्ला और महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुराना भीलवाड़ा में बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई।

बच्चों को बताया गया कि बाल विवाह एक अभिशाप है और इसे रोकने के लिए सभी को आगे आना होगा एवं अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। बच्चों को बाल विवाह रोकथाम के लिए शपथ दिलाई गई। गतिविधि के दौरान बाल विवाह, बाल अधिकार एवं बालिका शिक्षा पर चर्चा की गई और बताया गया कि बाल विवाह करवाने वाले एवं इसमें शामिल होने वाले के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई (2 वर्ष तक की जेल) हो सकती है।
बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है जो बच्चों की प्रगति में बाधक है। इस गतिविधि में जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी अनुराधा तोलंबिया, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के सुपरवाइजर राधेश्याम गुर्जर, केस वर्कर शिवराज खटीक एवं सुमन साहू ने जानकारी प्रदान की। बताया गया कि बाल विवाह रोकथाम के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर *1098* पर जानकारी दी जा सकती है और जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है।
इस दौरान विद्यालय प्रधानाचार्य सुशील खावया, अध्यापक एवं बच्चों ने भाग लिया।











