बिजोलिया में पत्रकार पर जानलेवा हमला, लूटपाट के बाद दी हत्या की धमकी; अपराध चरम पर, पुलिस पर उठे सवाल

बिजोलिया। कस्बे में बुधवार रात एक गंभीर आपराधिक घटना ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर के वरिष्ठ पत्रकार श्याम विजय पर अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं आमजन में पुलिस के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को रात्रि करीब 9:10 बजे श्याम विजय पंचायत चौक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की सफेद रंग की ब्लैक ग्लास लगी हुंडई कार में सवार 3-4 युवकों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया।
जैसे ही वे अपने घर पहुंचे और बाइक पार्किंग में खड़ी की, बदमाशों ने घर के बाहर ही कार रोक दी। कार से उतरते ही आरोपी लाठी और सरियों से लैस होकर उन पर टूट पड़े और लूट की नीयत से हमला कर दिया। बदमाशों ने उनकी जेब से 11 हज़ार की नकद राशि छीन ली तथा गले में पहनी लगभग 30 ग्राम वजनी सोने की चेन तोड़ ली।
हमले के दौरान आरोपियों ने सरिये से वार किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। घायल अवस्था में शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना स्थल से आरोपियों द्वारा फेंकी गई एक लाठी भी बरामद हुई है। परिजनों एवं स्थानीय लोगों की सहायता से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पीड़ित द्वारा दी गई रिपोर्ट में दो आरोपियों की पहचान हुई है । जिसमे लक्ष्मी नारायण अहीर उर्फ कालू पिता किशन अहीर एवं योगेश अहीर पिता किशन अहीर, निवासी छोटा दरवाजा, बिजोलिया दोनों आपस में सगे भाई हैं। इनके साथ दो अन्य अज्ञात युवक भी शामिल थे।

रिपोर्ट में बताया गया है की आरोपी लक्ष्मी नारायण अहीर उपखण्ड क्षेत्र में अवैध बजरी एवं खनन कार्यों में संलिप्त है, जबकि दूसरा आरोपी नगर पालिका में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत है।
पीड़ित के अनुसार, वारदात के दौरान आरोपियों ने खुद को क्षेत्र में अवैध गतिविधियों का “किंग” बताते हुए पुलिस और जनप्रतिनिधियों का संरक्षण होने का दावा किया। साथ ही धमकी दी कि “तेरी मौत नजदीक है, मौका मिलते ही दुर्घटना या अकेला पाकर जान से मार देंगे।”
पुलिस का भय खत्म, अपराधियों के हौसले बुलंद
कस्बे में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने आमजन में भय का माहौल बना दिया है। लोगों का कहना है कि अब अपराधियों में पुलिस का भय लगभग समाप्त होता जा रहा है और उनके हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।
नगर में लूटपाट, चोरी और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। पिछले करीब दो माह में कई वारदातें सामने आई हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। इससे साफ है कि अपराधियों में कानून का डर कम होता जा रहा है।
आक्रोश बढ़ा, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पत्रकारों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। साथ ही नगर में बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग भी की जा रही है।











