बी. प्रणय रेड्डी ने यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रस फतह कर रचा इतिहास, दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी का नाम किया रोशन

- मुंबई
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि श्री बी. प्रणय रेड्डी, वरिष्ठ सहायक ट्रैफिक प्रबंधक, जो वर्तमान में मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के साथ कार्यरत हैं, ने 16 अगस्त 2025 को सुबह 5:20 बजे (रूसी समयानुसार) यूरोप और रूस की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
इस अभूतपूर्व उपलब्धि में श्री प्रणय रेड्डी भारतीय पोर्ट क्षेत्र के पहले सरकारी अधिकारी बने, जिन्होंने माउंट एल्ब्रस की चोटी पर भारत का सबसे लंबा तिरंगा – 79 भारतीय झंडों से बना 79 मीटर लंबा ध्वज – और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी का ध्वज फहराया।
इस अद्वितीय उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार सिंह ने कहा कि यह एक प्रतीकात्मक पहल है, जो न केवल उनके पर्वतारोहण के जज़्बे को दर्शाती है, बल्कि उनके अटूट देशभक्ति भाव और भारत के प्रति समर्पण को भी दर्शाती है। यह “साहस, संकल्प और समर्पण” का एक शानदार उदाहरण है। उन्होंने आगे कहा कि श्री रेड्डी की यह विजय अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक है और यह कई लोगों को साहस और धैर्य के साथ चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देगी।

इससे पहले, 7 अगस्त 2025 को, श्री सुशील कुमार सिंह, अध्यक्ष, दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी ने औपचारिक रूप से श्री बी. प्रणय रेड्डी को 79 मीटर लंबा भारतीय ध्वज और दीनदयाल पोर्ट का ध्वज सौंपते हुए माउंट एल्ब्रस के लिए रवाना किया था। यह अभियान उनके ‘सेवन समिट्स चैलेंज मिशन’ का पहला चरण (मिशन 1: माउंट एल्ब्रस) था। इस अवसर पर श्री सिंह ने विश्वास जताया कि श्री रेड्डी सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों को फतह करने के अपने मिशन में निश्चित रूप से सफल होंगे।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री प्रणय रेड्डी ने कहा कि, “मैं विशेष रूप से अपने माता-पिता, पत्नी, दीनदयाल पोर्ट और मुंबई पोर्ट के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, श्री आनंद (360 एक्सप्लोरर) और अपने पूरे समूह का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने माउंट एल्ब्रस पर मेरे साथ चढ़ाई की। इन सभी के सहयोग के बिना मैं यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाता।”
माउंट एल्ब्रस के बारे में
माउंट एल्ब्रस, रूस और जॉर्जिया की सीमा के पास काकेशस पर्वतमाला में स्थित एक सुप्त ज्वालामुखी है, जिसकी ऊँचाई समुद्र तल से 18,510 फीट (5,642 मीटर) है। यह यूरोप का सबसे ऊँचा पर्वत, यूरेशिया का सबसे ऊँचा ज्वालामुखी और दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित चोटियों में से एक है। माउंट एल्ब्रस की चढ़ाई ‘सेवन समिट्स चैलेंज’ का एक बेहद चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जिसमें पर्वतारोही सात महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों को फतह करने का लक्ष्य रखते हैं।
भारत और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के लिए गौरव का क्षण
इस शानदार सफलता के साथ, श्री रेड्डी ने न केवल दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी का नाम रोशन किया है, बल्कि भारत की विश्व पर्वतारोहण समुदाय में उपस्थिति को भी सशक्त बनाया है। यह उपलब्धि पूरे पोर्ट क्षेत्र के लिए एक गर्व का क्षण है, जो देशभक्ति, दृढ़ता और उत्कृष्टता के मूल्यों को दर्शाती है।
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी श्री बी. प्रणय रेड्डी को उनके आगामी ‘सेवन समिट्स मिशन’ के लिए अपनी शुभकामनाएं देती है और आशा करती है कि वे जल्द ही उन चुनिंदा पर्वतारोहियों की श्रेणी में शामिल होंगे, जिन्होंने सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों को फतह किया है।











