ब्रेकिंग न्यूज़: चुनाव ड्यूटी में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई – जयपुर में तीन बीएलओ तत्काल प्रभाव से निलंबित

जयपुर | 23 जुलाई 2025 | राज्य निर्वाचन विभाग ने चुनाव संबंधी कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर बड़ा एक्शन लिया है। झोटवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी डॉ. एल. एन. बुनकर ने तीन बीएलओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 तथा धारा 13(सी)(ii) और राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1958 के नियम 13 के तहत की गई है।
निलंबित किए गए बीएलओ:
- अभिलेश योगी – अध्यापक
- सुरेन्द्र चौधरी – शारीरिक शिक्षक
- श्रीमती संतोष बुढ़ानिया – शिक्षिका
इन तीनों कार्मिकों को बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के रूप में नियुक्त किया गया था और समय पर ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन कई बार निर्देशित किए जाने, कारण बताओ नोटिस जारी करने और चुनाव लिपिक, सुपरवाइजर व ईआरओ द्वारा बार-बार संपर्क करने के बावजूद भी उन्होंने निर्वाचन ड्यूटी को गंभीरता से नहीं लिया।
डॉ. बुनकर ने क्या कहा:
“इन कार्मिकों द्वारा चुनाव जैसे राष्ट्रीय महत्ता के कार्य में गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं घोर उदासीनता बरती गई, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। यह सीधे तौर पर निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अवहेलना है, जिसके चलते इन्हें नियमों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।”
क्यों है यह मामला अहम?
- चुनाव ड्यूटी को देश का संवैधानिक उत्तरदायित्व माना जाता है।
- बीएलओ की जिम्मेदारी मतदाता सूची सुधार, सत्यापन और निर्वाचन प्रक्रिया में बुनियादी भूमिका निभाना है।
- ऐसी लापरवाहियां लोकतंत्र की नींव को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए इस पर ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत कार्रवाई की जा रही है।
डॉ. बुनकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव से जुड़े कार्यों में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही करेगा, तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। यह निर्णय आने वाले समय में चुनाव कार्यों की गंभीरता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि राजस्थान में निर्वाचन विभाग अब कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। हर एक कार्मिक को जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा, अन्यथा निलंबन व अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए तैयार रहना होगा।












