सेवा भारती द्वारा सेवाड़ी, बीजापुर व पातावा में बाल संस्कार केन्द्रों का शुभारंभ

सेवाड़ी, 5 अक्टूबर। सेवा भारती संगठन द्वारा सेवाड़ी, बीजापुर और पातावा में बाल संस्कार केन्द्रों का शुभारंभ प्रांत सह मंत्री विजय सिंह माली के सानिध्य में किया गया। यह आयोजन शिक्षा के साथ संस्कारों को जोड़ने और बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास के उद्देश्य से किया गया।
भारत माता एवं सरस्वती पूजन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता और मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद वंदना कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें स्थानीय बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूजा के पश्चात् प्रांत सह मंत्री विजय सिंह माली ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि—
“शिक्षा तभी सार्थक है जब उसमें संस्कार जुड़े हों। शिक्षित और संस्कारित व्यक्ति ही राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सेवा भारती के ये बाल संस्कार केन्द्र भविष्य में समाज में सकारात्मक परिवर्तन के माध्यम बनेंगे।

शिक्षा के साथ संस्कारों पर जोर
माली ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के साथ-साथ जीवन में संस्कारों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यवहारिक जीवन के लिए आवश्यक नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा मिलनी चाहिए।
शिक्षण सत्र और संवाद
कार्यक्रम के दौरान प्रकल्प शिक्षिका तरुणा गर्ग ने बच्चों को हिंदी और गणित विषय का अध्ययन करवाया। साथ ही बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। इससे बच्चों में सीखने की जिज्ञासा और अधिक प्रबल हुई।

आभार प्रदर्शन और अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रकल्प प्रमुख दिनेश लूणिया ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पुखराज गर्ग और जगदीश गर्ग सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बीजापुर व पातावा केन्द्रों का शुभारंभ
खंड संयोजक सुरेश रावल ने बताया कि बीजापुर में यामिनी तथा पातावा में डिंपल अमराराम परमार के यहां भी प्रांत सह मंत्री विजय सिंह माली के सानिध्य में बाल संस्कार केन्द्रों का शुभारंभ किया गया। दोनों ही स्थानों पर स्थानीय ग्रामवासी एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सेवा भारती का ध्येय
सेवा भारती संगठन “नर सेवा ही नारायण सेवा” के ध्येय वाक्य पर कार्य करता है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक उत्थान के विभिन्न सेवा प्रकल्पों का संचालन कर रही है। बाल संस्कार केन्द्र इन प्रकल्पों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य समाज में संस्कार, अनुशासन और नैतिकता की भावना को मजबूत बनाना है।












