“मृत्यु अटल है, राम नाम सत्य है”- भव्य दर्शन

GOUTAM SURANA
कंवलियास रावला चौक में आयोजित धर्म सभा में मुनि ने मृत्यु पर मार्मिक प्रवचन दिया उन्होंने बताया कि इस संसार में जो आया है, उसे एक दिन जाना ही है। यही प्रकृति का अटल नियम है। राजा हो या रंक, ज्ञानी हो या अज्ञानी — मृत्यु सबके लिए समान सत्य है। इसलिए जब किसी की अंतिम यात्रा निकलती है, तब लोग कहते हैं राम नाम सत्य है
यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन का गहरा दर्शन है।इसका अर्थ है — संसार की हर वस्तु नश्वर है, केवल परमात्मा का नाम ही शाश्वत सत्य है।मनुष्य जीवन भर धन, पद, प्रतिष्ठा और मोह-माया के पीछे दौड़ता है। वह सोचता है कि यही सब उसका सहारा है। लेकिन मृत्यु के समय न धन साथ जाता है, न परिवार, न अहंकार। साथ जाता है तो केवल कर्म और प्रभु का स्मरण।अर्थात जो कुछ भी इस संसार में हो रहा है, वह प्रभु की इच्छा से हो रहा है। इसलिए मनुष्य को अहंकार नहीं, बल्कि विनम्रता और भक्ति का मार्ग अपनाना चाहिए।राम नाम सत्य है” हमें यह भी सिखाता है कि जीवन क्षणभंगुर है।

आज जो शरीर सुंदर और शक्तिशाली दिखाई देता है, एक दिन पंचतत्व में विलीन हो जाएगा। इसलिए समय रहते ईश्वर का स्मरण, सत्संग, सेवा और सद्कर्म करना चाहिए।
जब अंतिम समय आता है, तब मनुष्य को केवल प्रभु का नाम ही सहारा देता है।
इसीलिए हमारे ऋषि-मुनियों ने कहा राम नाम मन को शांति देता है, भय को दूर करता है और आत्मा को मोक्ष की ओर ले जाता है
मृत्यु डरने की वस्तु नहीं बल्कि आत्मा की एक यात्रा है। शरीर मिटता है, आत्मा नहीं।इसलिए जीवन को व्यर्थ चिंता, क्रोध और लोभ में न गंवाकर प्रेम, दया, करुणा और भक्ति में लगाइए।











