चलती एंबुलेंस बनी प्रसूति कक्ष, 108 कर्मियों की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव

DK Kothar
प्रदेश में बाल विवाह रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब स्कूल प्रिंसिपल, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और पटवारियों को भी पुलिस जैसी शक्तियां दी गई हैं। ये अधिकारी बाल विवाह की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर जांच कर सकेंगे और तत्काल कार्रवाई के लिए प्रशासन व पुलिस को रिपोर्ट भेज सकेंगे।

बाल अधिकारिता विभाग के प्रस्ताव पर राज्य सरकार ने यह जिम्मेदारी तय की है। सरकार का मानना है कि गांव स्तर पर तैनात अधिकारी और स्कूल प्रशासन स्थानीय गतिविधियों से जुड़े रहते हैं, इसलिए बाल विवाह जैसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रिंसिपल को भी जांच संबंधी अधिकार दिए गए हैं, ताकि स्कूल छोड़ने वाली बालिकाओं या संदिग्ध मामलों पर नजर रखी जा सके। सरकार का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी अंकुश लगाना और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।











