क्षत्रिय कुमावत समाज धानेश्वर चौखला की आम सभा संपन्न, 156 गांवों के समाजबंधुओं ने लिया भाग

क्षत्रिय कुमावत समाज धानेश्वर चौखला की विशाल आम सभा का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। सभा में टोंक, भीलवाड़ा एवं अजमेर जिलों के 156 गांवों से आए समाजबंधुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और समाज के विकास, शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
महामंत्री एडवोकेट शिवराज ओस्तवाल ने बताया कि सभा के प्रथम एजेंडे के तहत कोषाध्यक्ष रामप्रसाद मेरावडिंया ने समिति की आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में समिति के पास 6 लाख 83 हजार रुपये की राशि शेष है।

विभिन्न तहसीलों के उपाध्यक्षों का निर्वाचन
सभा के दूसरे एजेंडे के तहत चौखला के विभिन्न वार्डों एवं तहसीलों के लिए उपाध्यक्षों का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया। निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में निम्न पदाधिकारी चुने गए—
- शाहपुरा तहसील – छोटूलाल जलाधंरा (बास्टा)
- फूलियाकलां तहसील – राजेंद्र देवतवाल (पनोतिया)
- बनेड़ा तहसील – मदन खटोड़ (सरदानगर)
- केकड़ी तहसील – गोविंद जाखड़ (शेषपुरा)
- सरवाड़-मालपुरा – ओमप्रकाश कांकर (गोवर्धनपुरा)
- देवली तहसील – सुगनचंद कांकर (भगवानपुरा)
- भिनाय तहसील – रामकिशन दौबलदिया (खेड़ी)
- सांवर तहसील – रामदेव भासोंदा (सांवर)
- टोडारायसिंह-दूनी तहसील – पद रिक्त
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को भगवान श्री सत्यनारायण को साक्षी मानकर समाज सेवा एवं समर्पण की शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात समाजबंधुओं ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया।

अनुशासन समिति का गठन
सभा में चौखला समिति के अंतर्गत अनुशासन समिति का भी गठन किया गया। इसमें पूर्व अध्यक्ष रामनारायण भदाणियां, तेजमल जाखड़ एवं ब्रजमोहन देवतवाल को सर्वसम्मति से सदस्य नियुक्त किया गया।
शिक्षा पर विशेष जोर
शिक्षाविद् डॉ. ओमप्रकाश मांडेला ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनावश्यक खर्चों को कम कर बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परिवार शिक्षित होगा तो समाज और राष्ट्र दोनों का विकास संभव है। उन्होंने लड़के और लड़कियों को समान अवसर देकर शिक्षित करने का आह्वान किया और कहा, “ *शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो* पिएगा वह दहाड़ेगा।”
नशे और सट्टे से दूर रहने का आह्वान
समाज अध्यक्ष सत्यनारायण कांकर ने अपने उद्बोधन में समाजबंधुओं से एकता बनाए रखने और समाज को नई दिशा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवा वर्ग नशे और सट्टे की लत की ओर बढ़ रहा है, जिससे दूर रहकर आत्मनिर्माण करना आवश्यक है ताकि समाज उनकी क्षमताओं का सदुपयोग कर सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया गया।














