सुमेरपुर अस्पताल को मिली नई “संजीवनी”, वर्षों बाद सर्जन की एंट्री से मरीजों में खुशी की लहर

मंत्री जोराराम कुमावत के प्रयास लाए रंग, उपजिला अस्पताल में सर्जन और पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा सहारा
- पुखराज कुमावत की रिपोर्ट
सुमेरपुर। लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे उपजिला अस्पताल सुमेरपुर को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनते हुए अस्पताल में वर्षों बाद सर्जन डॉक्टर की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर की भी तैनाती होने से अब अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पहले से अधिक मजबूत और प्रभावी होने जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार उपजिला अस्पताल में लंबे समय से सर्जन का पद रिक्त होने के कारण ऑपरेशन एवं सर्जरी से जुड़े मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। छोटी-बड़ी सर्जरी के लिए मरीजों को मजबूरी में पाली, सिरोही, जालोर या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। कई गरीब परिवार उपचार के अभाव में गंभीर संकट झेल रहे थे।
ऐसे में माननीय कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के लगातार प्रयासों और स्वास्थ्य विभाग से प्रभावी पैरवी के बाद अस्पताल में सर्जन एवं पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब अस्पताल में सर्जरी संबंधी सेवाएं शुरू होने के साथ पैथोलॉजी जांच व्यवस्था भी मजबूत होगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय बाद अस्पताल को ऐसी सौगात मिली है, जिससे आमजन को सीधा लाभ मिलेगा। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं कार्यकर्ताओं ने मंत्री कुमावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नियुक्ति सुमेरपुर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से न केवल मरीजों का भरोसा सरकारी अस्पतालों पर बढ़ेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी राहत मिलेगी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अस्पताल में अन्य रिक्त पदों को भी भरकर चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।













