राजस्थान राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने खेला सामाजिक संतुलन का दांव, सतीश पूनिया और अलका गुर्जर होंगे उम्मीदवार

जयपुर/नई दिल्ली | लूनिया टाइम्स
राजस्थान की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी का यह फैसला केवल राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की एक महत्वपूर्ण रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. सतीश पूनिया को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने राज्य के प्रभावशाली जाट समाज को मजबूत संदेश दिया है। वहीं, डॉ. अलका गुर्जर को राज्यसभा भेजने का निर्णय पूर्वी राजस्थान के गुर्जर समुदाय में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश नेतृत्व द्वारा केंद्रीय नेतृत्व को सात नामों का पैनल भेजा गया था, जिसमें कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल थे। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पूनिया और अलका गुर्जर के नामों पर अंतिम मुहर लगाई।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 जून तक चलेगी, जबकि 18 जून 2026 को मतदान एवं मतगणना होगी। राजस्थान विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए तीन रिक्त हो रही सीटों में से दो सीटों पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
इस चुनाव के बाद राजस्थान की 10 राज्यसभा सीटों में भाजपा की संख्या बढ़कर 6 हो जाएगी, जबकि कांग्रेस 4 सीटों पर सिमट सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह निर्णय आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।













