अमावस्या पर गौसेवा का महाभोग: श्रीराम गौशाला में लगेगा लापसी प्रसादी का दिव्य भोग, उमड़ेगी श्रद्धा की गंगा

पुखराज कुमावत
सुमेरपुर। अमावस्या के पावन एवं पुण्यदायी अवसर पर श्री राम गौशाला सेवा समिति कोलीवाडा में गौसेवा, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। समिति अध्यक्ष धीरज सांखला के मार्गदर्शन एवं समस्त पदाधिकारियों की प्रेरणा से कल शनिवार को गौमाता को विशेष लापसी भोग प्रसादी अर्पित की जाएगी। गौशाला परिसर में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।
यह पुण्य सेवा मुंबई निवासी भामाशाह चंपालाल अंबावत परिवार की तरफ से प्रत्येक अमावस्या के पावन अवसर पर
3:50 क्विंटल लापसी समर्पित की जाएगी। इसी कड़ी में सुमेरपुर निवासी दिलीप कुमार सोनी की ओर से श्रद्धापूर्वक गौमाता को समर्पित की जाएगी। गौशाला परिसर में कल सुबह गौभक्तों की उपस्थिति में गौमाता के चरणों में लापसी का विशाल भोग लगाया जाएगा।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि अमावस्या का दिन सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन गौसेवा, गौभोजन एवं दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौमाता की सेवा से पितरों की कृपा प्राप्त होती है तथा घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

गौशाला सेवा समिति ने समस्त गौभक्तों, सामाजिक संगठनों एवं आमजन से अपील की है कि वे कल सुबह गौशाला पहुंचकर गौमाता का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा इस पुण्य आयोजन में सहभागी बनें। समिति का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि कुछ समय गौसेवा को समर्पित किया जाए तो वही पल जीवन के सबसे अनमोल और पुण्यकारी क्षण बन जाते हैं।
समिति व्यवस्थापक एवं वरिष्ठ पत्रकार पुखराज कुमावत ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मानवता की जीवंत पहचान हैं। जहां गौसेवा होती है, वहां सुख-समृद्धि और सकारात्मकता स्वयं निवास करती है। “अमावस्या पर गौसेवा का यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवता की सेवा का जीवंत संदेश है।”











