भारत कॉटननेट 2026: टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला के लिए सहयोग पर मंथन, “कस्तूरी कॉटन गांव व मित्र” पहल का शुभारंभ

- न्यूज़ रिपोर्टर: Narendra Kumar Regar
भीलवाड़ा। Confederation of Indian Textile Industry (सीआईटीआई) की इकाई CITI–Cotton Development and Research Association द्वारा आयोजित “भारत कॉटननेट 2026” सम्मेलन स्थानीय The Imperial Prime में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया गया, जिसकी इस वर्ष की थीीम “टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला के लिए सहयोग” रही।
कार्यक्रम में Rajasthan Government के मुख्य सचिव V. Srinivas, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव (फाइबर) Padmini Singla, कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निर्यातक, प्रमाणन एजेंसियां तथा किसान प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में कपास उत्पादकता बढ़ाने, जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने और संस्थागत सहयोग मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कपास उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा किसानों तक उन्नत तकनीकी सहयोग पहुंचाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
इसी अवसर पर TEXPROCIL और सीआईटीआई-सीडीआरए द्वारा “कस्तूरी कॉटन गांव एवं कस्तूरी कॉटन मित्र” पहल का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत मॉडल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और प्रशिक्षित फील्ड सलाहकार किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इससे कपास की गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी और टिकाऊ उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई।
पैनल चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने उद्योग की बदलती जरूरतों, कपास की स्रोत से पहचान (ट्रेसबिलिटी), टिकाऊ उत्पादन मॉडल तथा भविष्य की रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को Nitin Spinners Limited का औद्योगिक भ्रमण भी कराया गया। कुल मिलाकर, सम्मेलन ने किसानों से लेकर उद्योग तक टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने के लिए एक प्रभावी और सहयोगात्मक मंच प्रदान किया।











