भूरसाबांक में 40वें श्री श्री राम चरित मानस यज्ञ के सफल आयोजन हेतु बैठक संपन्न

टुंडी/धनबाद (दीपक कुमार पाण्डेय) – टुंडी मुख्यालय से मात्र आधा किलोमीटर एवं थाना से एक चौथाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित भूरसाबांक के शिव मंदिर प्रांगण में श्री श्री राम चरित मानस यज्ञ समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य आगामी 40वें श्री श्री राम चरित मानस यज्ञ के सफल आयोजन की रणनीति तैयार करना था।
[box type=”shadow” align=”” class=”” width=””]बैठक का संचालन एवं अध्यक्षता[/box]
बैठक की अध्यक्षता अशोक कुमार पाठक ने की, जबकि संयुक्त संचालन कुन्दन सिंह एवं दुर्गा प्रसाद तिवारी उर्फ लालू तिवारी द्वारा किया गया।
[box type=”shadow” align=”” class=”” width=””]यज्ञ आयोजन की तैयारी पर विस्तृत चर्चा[/box]
बताते चलें कि श्री श्री राम चरित मानस यज्ञ का आयोजन भूरसाबांक में लगातार 39 वर्षों से सफलतापूर्वक किया जा रहा है। आगामी 40वां यज्ञ 09 मई 2025 से प्रारंभ होकर 18 मई 2025 तक चलेगा। इस दस दिवसीय धार्मिक आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने हेतु समिति के सदस्यों ने बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा की।
समिति के अध्यक्ष कुन्दन सिंह ने सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि— “पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी हम सबके सहयोग से यज्ञ को भव्य और सफल बनाया जाएगा। हमें विश्वास है कि हम सभी मिलकर इसे पहले से भी बेहतर आयोजन बनाएंगे। यदि पूर्व में किसी प्रकार की कोई चूक हुई हो, तो इस बार हम पूरी सतर्कता के साथ कार्य करेंगे ताकि कोई त्रुटि न हो।”
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने बारी-बारी से अपने विचार प्रस्तुत किए और आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
यज्ञ समिति का पुनर्गठन
सर्वसम्मति से यज्ञ समिति के सांगठनिक ढांचे में संशोधन करते हुए पुनर्गठन किया गया। समिति के प्रमुख पदाधिकारियों की सूची इस प्रकार है—
अध्यक्ष – कुन्दन सिंह उपाध्यक्ष – दुर्गा प्रसाद तिवारी उर्फ लालू तिवारी सचिव – शशि महथा उप सचिव – बब्लू रजवार कोषाध्यक्ष – अनूप चौधरी उप कोषाध्यक्ष – शम्मू महथा सह कोषाध्यक्ष – दीपक कुमार सोनी महावीर सिंह (सह उपाध्यक्ष) – मनोज कुशवाहा
कार्यकारिणी समिति सक्रिय सदस्य – मनीष सिंह (मोना), शुभम बनर्जी, लखन रविदास (रोकड़ प्रभारी), साकेत शुक्ला, अजय सिंह, रवि कुमार, भावार्थ जयसवाल, पंकज मोदक, संतोष दो, आशीष कर्ण, सूरज जायसवाल उर्फ प्रज्ञा भूषण जायसवाल आदि। इस बैठक में समिति के दो दर्जन से अधिक सदस्य एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में यज्ञ की सफलता हेतु सभी ने अपने-अपने सुझाव दिए और आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए संकल्प लिया।














