महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव दिवाली के बाद, होंगे चरणबद्ध

मुंबई, 8 अगस्त 2025 – महाराष्ट्र में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव अब जल्द ही आयोजित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने यह स्पष्ट किया है कि स्थानीय स्वशासन निकायों के चुनाव अक्टूबर के अंत से शुरू होंगे और अलग-अलग चरणों में संपन्न कराए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत दिवाली के बाद
नासिक जिले में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद वाघमारे ने कहा कि:
- चुनावी प्रक्रिया अक्टूबर के अंत, यानी दिवाली के बाद प्रारंभ होगी।
- मतदान की प्रक्रिया दिसंबर 2025 के अंत या जनवरी 2026 के मध्य तक पूरी कर ली जाएगी।
- चुनाव नगर निगमों, जिला परिषदों, और अन्य स्थानीय निकायों के लिए फेज वाइज (चरणबद्ध) रूप में कराए जाएंगे।
आरक्षण व्यवस्था में बड़ा निर्णय
राज्य में आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का अहम निर्णय आया है:
- ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए 27% आरक्षण की अनुमति दी गई है।
- ओबीसी आरक्षण के लिए लॉटरी पद्धति (Lottery System) अपनाई जाएगी।
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए पहले जैसी आरक्षण प्रणाली स्थिर रहेगी।
- सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि चार महीने के भीतर चुनाव संपन्न किए जाएं।
2017 की वार्ड सीमाओं के आधार पर होंगे चुनाव
कोर्ट के निर्देशानुसार, आगामी चुनाव 2017 की वार्ड सीमाओं के अनुसार आयोजित होंगे।
राज्य में 2097 के बाद कई जिलों की जिला परिषदों और नगर निगमों में चुनाव नहीं हुए हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में रुकावट देखी जा रही थी।
7-8 अगस्त को राजनीतिक शिविर का आयोजन
7 अगस्त को सुबह से शुरू होकर 8 अगस्त दोपहर 4 बजे तक चलने वाला एक राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित शिविर भी आयोजित किया जा रहा है।
शिविर में पार्टी के वरिष्ठ नेता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ वक्ता अपने विचार और मार्गदर्शन देंगे।
इस आयोजन में आगामी चुनाव रणनीति पर भी मंथन किया जा सकता है।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों का मार्ग अब स्पष्ट हो चुका है। दिवाली के बाद शुरू होने वाली यह चुनाव प्रक्रिया राज्य की स्थानीय राजनीति को नई दिशा दे सकती है। ओबीसी आरक्षण, लॉटरी प्रणाली और सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस प्रक्रिया को कानूनी व पारदर्शिता की दिशा दी है।
















