मीरा-भायंदर में भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्मकल्याणक पर भव्य वरघोड़े संपन्न

मीरा-भायंदर : भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर भायंदर वेस्ट, भायंदर ईस्ट एवं मीरा रोड क्षेत्र में जैन समाज द्वारा भव्य वरघोड़े एवं रथयात्राओं का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया।
जैन समाज ने पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ जन्मकल्याणक मनाते हुए प्रातःकाल विभिन्न जैन मंदिरों से एकत्रित होकर भगवान महावीर स्वामी के जयकारों तथा समता और अहिंसा के संदेशों के साथ शोभायात्राओं में भाग लिया। मीरा-भायंदर मनपा क्षेत्र के लगभग 50 जैन मंदिरों के ट्रस्ट मंडल एवं श्रीसंघों की इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी रही। भायंदर वेस्ट के करीब 27 मंदिरों तथा भायंदर ईस्ट एवं मीरा रोड के 10-12 मंदिरों से जुड़े समाजजनों की उपस्थिति रही।

भायंदर वेस्ट की रथयात्रा बालाजी नगर से प्रारंभ होकर डी-मार्ट परिसर स्थित वालचंद दर्शन पर संपन्न हुई, जहां उपस्थित गणमान्यों ने दर्शन कर नवकारसी का लाभ लिया। वहीं भायंदर ईस्ट का वरघोड़ा ओस्तवाल बगीची पर समाप्त हुआ, जहां समाजजनों ने स्वामी वात्सल्य का लाभ प्राप्त किया।
इसी प्रकार मीरा रोड में नवकारसी के पश्चात शांतिनगर सेक्टर-3 स्थित जैन मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई, जो पुनः वहीं पहुंचकर संपन्न हुई। तीनों आयोजनों में जैन समाज की एकता, अनुशासन एवं धार्मिक आस्था का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। इस आयोजन के माध्यम से भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा, समता और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।














