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योगेन्द्र शर्मा बने हिन्दी साहित्य भारती काव्य मंच के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष

‘परमवीर’ काव्य संग्रह के जरिए राष्ट्रभक्ति का संदेश देंगे विश्वभर में


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मूलचंद पेसवानी
जिला संवाददाता

मूलचंद पेसवानी वरिष्ठ पत्रकार, जिला संवाददाता - शाहपुरा / भीलवाड़ा 

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भीलवाड़ा, संवाददाता:।  हिन्दी काव्य मंच की ओज और गरिमा को विश्व स्तर पर स्थापित करने वाले राजस्थान के शाहपुरा (भीलवाड़ा) निवासी प्रख्यात कवि योगेन्द्र शर्मा को हिन्दी साहित्य भारती काव्य मंच का अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण घोषणा की पुष्टि संस्था के केन्द्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रवीन्द्र शुक्ल ने की।

डॉ. शुक्ल ने बताया कि शर्मा को यह दायित्व हिन्दी कविता को वैश्विक पहचान दिलाने, मंचीय संस्कृति को सहेजने और युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सौंपा गया है। उनके अनुसार शर्मा की गहरी राष्ट्रभक्ति, प्रभावशाली वाणी और दो दशकों से अधिक मंचीय अनुभव संस्था की दिशा और विस्तार में निर्णायक सिद्ध होगा।

राष्ट्रगान से भी अधिक जोश भरने वाली कविताएं

योगेन्द्र शर्मा ने अब तक भारत सहित अनेक देशों में 2000 से अधिक काव्य मंचों पर काव्य-पाठ किया है। उनकी कविताएं राष्ट्रभक्ति, वीर रस और सांस्कृतिक चेतना का अद्वितीय संगम हैं। विशेष रूप से उन्होंने भारतीय सेना की टुकड़ियों के बीच जाकर अपनी ओजपूर्ण कविताओं से सैनिकों का मनोबल बढ़ाया, जिसे सेना और साहित्य जगत दोनों ने सराहा।

उनकी कविताएं केवल मंच की शोभा नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी में जोश, जागरूकता और जिम्मेदारी का संचार करती हैं। यही कारण है कि उनके काव्य पाठ कार्यक्रमों को छात्रों और नवोदित कवियों के बीच विशेष लोकप्रियता प्राप्त है।

जल्द प्रकाशित होगा ‘परमवीर’ काव्य संग्रह

योगेन्द्र शर्मा वर्तमान में अपने एक विशेष प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे हैं – ‘परमवीर’ काव्य संग्रह, जो भारत के 21 परमवीर चक्र विजेताओं के जीवन और बलिदान पर आधारित होगा। यह संग्रह न केवल वीरता की गाथा का संकलन होगा, बल्कि भारतीय सैन्य परंपरा की गौरवशाली विरासत को कविता के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम भी बनेगा।

सम्मान और उपलब्धियों की गौरवशाली श्रृंखला

शर्मा को अब तक कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें गुरु गोलवलकर सम्मान, चंद्रवरदाई सम्मान और साहित्य भारती सम्मान प्रमुख हैं। वे राजस्थान साहित्य अकादमी की सरस्वती सभा के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

साहित्यिक जगत में हर्ष की लहर

उनकी नियुक्ति के बाद शाहपुरा, भीलवाड़ा और समग्र मेवाड़ अंचल में साहित्य प्रेमियों के बीच हर्ष का माहौल है। स्थानीय साहित्यकारों और कवियों ने इसे “क्षेत्र की साहित्यिक प्रतिभा का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान” बताया है। सोशल मीडिया और साहित्यिक मंचों पर इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया जा रहा है।

भावी योजनाएं और संस्थागत जिम्मेदारियां

संस्था ने शर्मा को कवि सम्मेलनों के संचालन से आगे बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय कविता और संस्कृति का विस्तार करने तथा युवाओं के लिए काव्य कार्यशालाओं और प्रेरक सत्रों के आयोजन जैसी योजनाओं की जिम्मेदारी भी सौंपी है।

शर्मा ने इस अवसर पर कहा,

“यह मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक गहन उत्तरदायित्व है। मैं प्रतिबद्ध हूँ कि हिन्दी काव्य की गरिमा को न केवल भारत में बल्कि विश्व भर में प्रतिष्ठित करूँ।”

 

न्यूज़ डेस्क

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