राजस्थान में 12.5% राजस्व वृद्धि: मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में बताई राजस्व संग्रहण की रणनीति

जयपुर — राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व संग्रहण में 12.5 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित राजस्व विभागों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। सरकार की “जीरो टॉलरेंस नीति” और आईटी आधारित टैक्स सुधारों के चलते यह बढ़ोतरी संभव हो सकी है।
राजस्थान की आर्थिक नीति में राजस्व संग्रहण का महत्त्व
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्व आय ही राज्य की विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे के निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ होती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए स्थायी और मजबूत राजस्व तंत्र की आवश्यकता है।
टैक्स प्रणाली में सुधार: इंटीग्रेटेड टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम लागू
राजस्थान सरकार ने इंटीग्रेटेड टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है ताकि व्यापारियों और करदाताओं को GST, VAT एवं अन्य कर संबंधित सेवाएं एक ही पोर्टल पर मिल सकें। वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार, GST संग्रहण में 12% की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का जोर टैक्स कंप्लायंस बढ़ाने, कर प्रक्रिया के सरलीकरण, और जीएसटी चोरी पर सख्त कार्रवाई पर है।
आबकारी विभाग में सुधार: नकली शराब के खिलाफ कार्रवाई
आबकारी विभाग ने बताया कि नीतिगत सुधारों के चलते इस वर्ष 14% अधिक आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि:
- नकली शराब बनाने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई होगी
- अवैध शराब की सूचना देने वाले मुखबिरों को प्रोत्साहन मिलेगा
खनन और स्टांप ड्यूटी में राजस्व उछाल
पंजीयन और मुद्रांक विभाग द्वारा डीएलसी दरों में सुधार के कारण स्टांप ड्यूटी से 15% अधिक राजस्व मिला है।
खनन विभाग की सक्रियता से खनन पट्टों की नीलामी नियमित रूप से हुई, जिससे राजस्व में 24% वृद्धि हुई।
मुख्य निर्देश: अवैध खनन पर सख्त रोक और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
परिवहन विभाग में डिजिटल नवाचार से 13% अधिक राजस्व
परिवहन विभाग ने बताया कि आईटी आधारित नवाचारों के कारण विभागीय राजस्व में 13% की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
- नए परमिट के अंतर्गत नई बसों का संचालन हो,
- PM ई-बस सेवा को प्राथमिकता दी जाए .
- सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को और बेहतर बनाया जाए.
जिलावार निगरानी से हुआ 14,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व
मुख्य सचिव के अनुसार, जिला और संभागीय स्तर पर राजस्व मॉनिटरिंग की व्यवस्था से वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को 14,000 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2023-24 में हुई 4,800 करोड़ की वृद्धि की तुलना में तीन गुना है।
उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में वित्त, खनन, आबकारी, वाणिज्यिक कर, पंजीयन एवं परिवहन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने अपने प्रदर्शन की रिपोर्ट प्रस्तुत की और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की।
राजस्थान सरकार की राजस्व सुधार नीतियां, डिजिटलीकरण, और नीतिगत सख्ती राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कारगर साबित हो रही हैं। कर चोरी पर नियंत्रण, राजस्व लीकेज की रोकथाम और सुधारित टैक्स प्रणाली जैसे कदम राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहे हैं।












