संवाद से सशक्त शिक्षा की ओर: सरस्वती विद्या मंदिर सादड़ी में अभिभावक सम्मेलन

सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, सादड़ी में अभिभावक सम्मेलन गरिमामय वातावरण में संपन्न
शिक्षा श्रेणी | विद्यालय समाचार
सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, सादड़ी में आज अभिभावक सम्मेलन का
आयोजन अनुशासित, प्रेरणादायी एवं सकारात्मक वातावरण में किया गया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को विद्यालय की शैक्षणिक,
सांस्कृतिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से अवगत कराना तथा
विद्यालय–अभिभावक समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंचांग द्वारा किया गया।
इसके पश्चात दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना
का सामूहिक गान हुआ, जिससे पूरा वातावरण ज्ञान, संस्कार एवं
श्रद्धा से ओतप्रोत हो गया।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान मनोहर लाल जी सोलंकी ने मंच से सभी
अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का परिचय करवाया।
कार्यक्रम का सुचारु एवं प्रभावशाली मंच संचालन
भुवनेश जी माधव द्वारा किया गया।
विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
प्रतिवेदन में विद्यालय की स्थापना, शैक्षणिक उद्देश्य,
अब तक की उपलब्धियाँ, वर्तमान शैक्षणिक स्थिति,
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों
तथा भविष्य की योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया गया।
सहयोग
बालिका शिक्षा विषय पर उमराव दीदी ने, विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर इंद्रा दीदी ने, जन शिक्षा निधि सप्ताह के उद्देश्य एवं महत्व पर अरुणा दीदी ने सहयोग किया


सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत काव्य गीत ने सभी को भाव-विभोर कर दिया।
उनके गीत को श्रोताओं ने सराहना के साथ स्वीकार किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नारायण सिंह जी राजपुरोहित
(सेवानिवृत्त व्याख्याता) ने अपने प्रेरक उद्बोधन में
शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने, साथ ही वक्त के रूप मे रहे दिनेश जी त्रिवेदी।
अभिभावकों की भूमिका तथा विद्यार्थियों के
चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया।
मुख्य वक्ता नारायण सिंह जी राजपुरोहित (सेवानिवृत्त व्याख्याता) ने अपने उद्बोधन में
शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए उस पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने वर्ष 2020 की नई शिक्षा नीति का समर्थन करते हुए बताया
कि यह नीति विद्या भारती विद्यालयों में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है,
जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है।
साथ ही उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के प्रति केवल अपेक्षाएँ ही नहीं, बल्कि सेवाभाव, संवाद और समझदारी के साथ उनके मार्गदर्शन पर भी विशेष ध्यान दें।
मुख्य अतिथि रोहिताश्व जी ने अपने आशीर्वचन में विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए
विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मनोहर लाल जी सोलंकी द्वारा
आभार व्यक्त किया गया।
अंत में शांति पाठ के साथ
अभिभावक सम्मेलन का विधिवत समापन हुआ।
सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सादड़ी











