समय से पहले और अच्छी बारिश के चलते खरीफ की बुवाई में तेज़ी, कुल क्षेत्रफल 11.44 % की बढ़ोतरी

अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया इस वर्ष अनुमान के मुताबिक बारिश की समय से पूर्व और अच्छी शुरुआत से भारत में खरीफ सीजन की बुवाई ने तेज़ गति पकड़ी है और 10 जुलाई तक 438.83 लाख हेक्टेयर (lh) क्षेत्रफल पर फसलों की बुवाई पूरी हुई है। पिछले वर्ष के मुकाबले यह 11.44% की वृद्धि दर्शाता है, जब गत वर्ष यह आंकड़ा 393.77 लाख हेक्टेयर था।
धान का क्षेत्रफल 7.4% बढ़कर 69.3 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है। दलहन क्षेत्रफल में ज़ोरदार बढ़ोतरी हुई है, जो 35.2% वृद्धि के साथ 42.57 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसमें मूंग की बुवाई उल्लेखनीय रूप से 146.4% बढ़कर 16.58 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो पिछले साल 6.73 लाख हेक्टेयर थी। उड़द की बुवाई भी बढ़कर 5.27 लाख हेक्टेयर पहुंची है। हालांकि, अरहर का क्षेत्रफल 11.1% घटकर 16.47 लाख हेक्टेयर रह गया है।
तिलहन की बुवाई भी 14% बढ़कर 108.21 लाख हेक्टेयर हुई है। सोयाबीन की बुवाई बढ़कर 79.04 लाख हेक्टेयर और मूंगफली में 50.8% की भारी वृद्धि के साथ 26.74 लाख हेक्टेयर पर पहुँची। सूरजमुखी लगभग स्थिर रहा और 0.46 लाख हेक्टेयर दर्ज हुआ।

मोटे अनाजों की बुवाई 21% बढ़कर 77.18 लाख हेक्टेयर रही। बाजरे की बुवाई ने 83.7% की ज़ोरदार छलांग लगाई है और 30.82 लाख हेक्टेयर पर पहुँच गई है। ज्वार 5.54 लाख हेक्टेयर और मक्का क्षेत्रफल मामूली गिरावट के साथ 39.35 लाख हेक्टेयर पर दर्ज हुआ।
कपास का क्षेत्रफल मामूली बढ़कर 79.54 लाख हेक्टेयर हुआ, जबकि जूट और मेस्ता में 2.7% की गिरावट आई और ये 5.47 लाख हेक्टेयर रह गया। गन्ने का क्षेत्रफल 55.16 लाख हेक्टेयर पर लगभग स्थिर बना हुआ है।
मानसून की सक्रियता से 10 जुलाई तक सामान्य से 32% अधिक यानी 74 मिमी बारिश दर्ज की गई। 1 जून से अब तक कुल बारिश सामान्य से 15% अधिक यानी 254 मिमी हो चुकी है।
मानसून की अच्छी स्थिति और जलाशयों में बेहतर पानी की उपलब्धता एवं सरकार द्वारा दी जा रही सहायता से खरीफ की बुवाई को मजबूती मिली है। किसान खेती के आधुनिक तौर तरीकों को अपनाने लगे हैं और मिट्टी की गुणवत्ता और फसलों की सेहत सुधारने के लिए टिकाऊ कृषि तरीकों पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं जिसके चलते खरीफ की बुवाई बढ़ी है














