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सांडेराव पुलिस की बड़ी सफलता – ₹10,000 इनामी लुटेरी दुल्हन और उसका सहयोगी 3 साल बाद गिरफ्तार

पाली, राजस्थान | सांडेराव थाना पुलिस (जिला पाली) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 3 वर्षों से फरार चल रही ₹10,000 इनामी “लुटेरी दुल्हन” और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला शादी के नाम पर धोखाधड़ी कर लोगों से लाखों रुपये ठगती थी। यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस की “टॉप 10 वांछित अपराधियों” की सूची में शामिल एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
क्या था मामला?
गिरफ्तार महिला और उसका पुरुष साथी एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं जो राजस्थान और पड़ोसी राज्यों में “फर्जी विवाह” के जरिए लोगों को ठगते थे।
- आरोपी महिला स्वयं को अविवाहित बताकर शादी के लिए संपर्क करती थी।
- शादी के कुछ दिन बाद वह जेवरात, नकदी व अन्य सामान लेकर फरार हो जाती थी।
- उसका साथी रिश्तेदार या बिचौलिए बनकर पूरे प्रकरण को विश्वसनीय बनाता था।
- अब तक इनके खिलाफ कई जिलों में धोखाधड़ी, ठगी और आपराधिक साजिश के प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस कार्रवाई कैसे हुई?
- पाली जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. गगनदीप सिंगला के निर्देशन में व CO सुमेरपुर व थानाधिकारी सांडेराव की टीम द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही थी।
- पुलिस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस (मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया गतिविधि) और मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपियों की मौजूदगी की सूचना प्राप्त की।
- टीम ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी कर दोनों को सांडेराव क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान
- महिला आरोपी: नाम उजागर नहीं किया गया है, लेकिन यह बताया गया कि उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित था।
- सहयोगी पुरुष: महिला के साथ मिलकर योजना बनाता था और शादी का ड्रामा करता था।
- दोनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि ठगी के अन्य मामलों की भी जानकारी मिल सके।
अब तक की उपलब्धियाँ
- पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह गिरोह अब तक कई लोगों को ठग चुका है।
- मामले में और भी लोग संलिप्त हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
- पुलिस अन्य जिलों से भी मामलों की जानकारी संकलित कर रही है।
पाली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि:
- किसी भी विवाह प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच करें।
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- ठगी से संबंधित मामलों में संकोच न करें और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
राजस्थान पुलिस की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि फरार और इनामी अपराधी कितने भी समय से छिपे हों, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। सांडेराव थाना पुलिस की सतर्कता और आधुनिक तकनीक की मदद से इस संगठित अपराध का पर्दाफाश हुआ है।













